इंटरव्यू के दौरान इरफान ने लोकतंत्र, संविधान और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के सम्मानजनक आजीविका के अधिकारों पर खुलकर बात की। राहुल ने भी उनके विचारों को गंभीरता से सुना और इरफान के परिवार को संसद भवन आने का न्योता दिया। इरफान का कहना है कि वे किसी पब्लिसिटी के लिए CJP के आंदोलन में शामिल नहीं हुए थे, बल्कि उनका मकसद असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की समस्याओं को सामने लाना था। उन्होंने राहुल गांधी के सामने कोई निजी मांग नहीं रखी, केवल यही गुजारिश की कि वे देश के मजदूरों और गरीब तबके की आवाज इसी तरह उठाते रहें।