
Three Maoists Arrested in Jharkhand : पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 100 से अधिक सुरक्षाकर्मियों पर हमलों के आरोपी 3 माओवादी गिरफ्तार (फोटो सोर्स : PTI_News)
3 Maoists Arrested in Jharkhand: झारखंड के बीहड़ों में दशकों से खौफ का पर्याय बने और 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों के खून से हाथ रंगने वाले तीन खूंखार नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने एक बड़े संयुक्त अभियान में धर दबोचा। इस ऐतिहासिक सफलता के साथ ही राज्य में वामपंथी उग्रवाद के ताबूत में आखिरी कील ठोंक दी गई है। पकड़े गए उग्रवादियों में प्रतिबंधित संगठन का शीर्ष पोलित ब्यूरो कमांडर मिसिर बेसरा भी शामिल है, जिस पर सरकार ने 1 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम इनाम घोषित कर रखा था।
इन नक्सलियों का काला इतिहास केवल हालिया वारदातों तक सीमित नहीं है। साल 2005 का कुख्यात जहानाबाद जेलब्रेक हो या लखीसराय कोर्ट परिसर से पुलिस अभिरक्षा से भागने की दुस्साहसिक वारदात, इन उग्रवादियों ने बार-बार देश की संप्रभुता को चुनौती दी थी। 'रेड कॉरिडोर' के जरिए जंगलों में अपनी समानांतर सत्ता चलाने की कोशिश में इन्होंने अनगिनत आईईडी ब्लास्ट और घात लगाकर किए गए हमलों में सौ से अधिक निर्दोष जवानों और नागरिकों को मौत के घाट उतारा था।
3 Maoists, arrested in Jharkhand, killed over 100 security personnel; involved in Bihar's Jehanabad jailbreak: Police
— Press Trust of India (@PTI_News) July 29, 2026
इस निर्णायक कार्रवाई के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तड़ाशा मिश्रा ने कहा:
"शीर्ष नक्सली नेता मिसिर बेसरा और उसके साथियों की गिरफ्तारी के बाद अब झारखंड से नक्सली खतरे का लगभग पूरी तरह से सफाया हो चुका है। हमारे जवानों के अदम्य साहस, सटीक खुफिया इनपुट और निरंतर अभियानों का ही नतीजा है कि आज राज्य शांति की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।"
इस गुप्त ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), इंटेलिजेंस ब्यूरो और राज्य पुलिस की विशेष नक्सल-विरोधी इकाई 'झारखंड जगुआर' ने एक साझा रणनीति बनाई। पक्की जानकारी मिलने के बाद घने जंगली इलाके की घेराबंदी की गई और नक्सलियों को बिना संभलने का मौका दिए दबोच लिया गया।
हाल के महीनों में सारंडा, लातेहार और गुमला के जंगलों में चलाए गए अभियानों में दर्जनों नक्सलियों के मारे जाने और आत्मसमर्पण करने के बाद उग्रवादी गुटों का शीर्ष ढांचा पूरी तरह चरमरा चुका था। मिसिर बेसरा की इस गिरफ्तारी से न सिर्फ झारखंड, बल्कि बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में भी उग्रवादी नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
Updated on:
29 Jul 2026 03:28 pm
Published on:
29 Jul 2026 03:03 pm
