
NEET-UG 2026
NEET UG 2026 Counselling काउंसलिंग शुरू होने से पहले मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने उम्मीदवारों के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाना है। इन बदलावों से छात्रों को बार-बार मेडिकल कॉलेजों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और कई प्रक्रियाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन पूरी की जा सकेंगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इन बदलावों की जानकारी सभी राज्य काउंसलिंग प्राधिकरणों को दे दी है। वहीं, कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी (KEA) ने भी उम्मीदवारों को नए नियमों से अवगत कराया है।
नए नियमों के तहत यदि किसी उम्मीदवार को किसी राउंड में सीट आवंटित होती है और वह अगले राउंड में बेहतर सीट के लिए "Willing to Upgrade" विकल्प चुनता है, तो उसे केवल अपग्रेड के लिए आवंटित कॉलेज में जाकर फिजिकल रिपोर्टिंग करने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे उम्मीदवार की वर्तमान सीट सुरक्षित रहेगी और वह अगले राउंड की काउंसलिंग में भाग ले सकेगा। इस बदलाव से छात्रों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
MCC ने सीट छोड़ने (Resignation) की प्रक्रिया को भी डिजिटल बना दिया है। अब पात्र उम्मीदवार निर्धारित समय-सीमा के भीतर MCC के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर अपनी सीट छोड़ सकेंगे। पहले इस प्रक्रिया के लिए संबंधित मेडिकल कॉलेज जाकर दस्तावेज जमा करने पड़ते थे, लेकिन अब यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। हालांकि, यह सुविधा केवल MCC की तय गाइडलाइन और संबंधित काउंसलिंग राउंड के नियमों के अनुसार ही उपलब्ध रहेगी।
डीम्ड विश्वविद्यालयों में NRI कोटा के तहत प्रवेश लेने वाले उम्मीदवारों को भी बड़ी राहत मिली है। अब वे अपने सभी जरूरी दस्तावेज सीधे MCC के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। इससे दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया तेज होगी और अभ्यर्थियों को अलग-अलग संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए MCC ने राज्य सरकारों और मेडिकल संस्थानों के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। मई और जून 2026 में राज्य मेडिकल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद 27 जुलाई 2026 को मेडिकल संस्थानों के लिए विशेष ट्रेनिंग आयोजित की गई। आने वाले दिनों में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए भी अतिरिक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
MCC ने राज्यों और मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे उम्मीदवारों को सीटों की उपलब्धता और फीस संबंधी जानकारी समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि अभ्यर्थी सही जानकारी के आधार पर अपनी पसंद भर सकें। गौरतलब है कि MCC, NEET UG के तहत 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा (AIQ) की सीटों और डीम्ड व केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सभी सीटों के लिए काउंसलिंग कराता है। जबकि शेष सीटों का संचालन संबंधित राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश करते हैं। ऐसे में सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया है।
MCC का मानना है कि इन बदलावों से काउंसलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, अनावश्यक कागजी कार्रवाई कम होगी और मेडिकल छात्रों को प्रवेश प्रक्रिया के दौरान पहले की तुलना में कहीं अधिक सुविधा मिलेगी।
Updated on:
29 Jul 2026 04:02 pm
Published on:
29 Jul 2026 03:55 pm
