
लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान बोलते केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह। (फोटो: IANS/Sansad TV)
Jitendra Singh in Lok Sabha:लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल 2026 पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए उन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि गोली चलाने का आदेश कोई मंत्री नहीं, बल्कि मजिस्ट्रेट देता है। राहुल गांधी ने बिना तथ्यों के बयान दिया है और उनका व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है। डॉ. सिंह ने दावा किया कि पेपर लीक के मामलों में पिछले दो सालों में 52 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचने की उनकी इच्छा ही उन्हें धरने पर ले गई।
राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में गोली चलाने या बल प्रयोग का आदेश किसी मंत्री की तरफ से नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय संबंधित क्षेत्र का मजिस्ट्रेट लेता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मामले में बार-बार स्पष्ट किया जा चुका है कि घटना के दौरान गोली नहीं चली थी, बल्कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे। उन्होंने कहा कि जब गोली चली ही नहीं तो गोली चलाने के आदेश का सवाल ही नहीं उठता।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के भाषण पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष को सुझाव देने चाहिए थे लेकिन इसके बजाय राजनीतिक आरोप लगाए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नेता प्रतिपक्ष को संसदीय मर्यादाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की बुनियादी जानकारी है। उन्होंने कहा कि संसद में तथ्यों और मर्यादा के साथ बहस होनी चाहिए न कि बिना आधार के आरोप लगाए जाने चाहिए।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश के युवा भारत का भविष्य हैं और उनके लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा और व्यवहार की एक मर्यादा होती है जिसका सभी जनप्रतिनिधियों को पालन करना चाहिए। उनके मुताबिक, विपक्ष के नेता का बयान उसी मर्यादा के अनुरूप नहीं था।
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 21 जुलाई को वह प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे थे। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राहुल गांधी की इच्छा 7, लोक कल्याण मार्ग तक पहुंचने की थी। जब ऐसा नहीं हुआ तो वह निराश होकर वहां धरने पर बैठ गए। उन्होंने दावा किया कि उन्हें समझाने की कोशिश भी की गई, लेकिन उन्होंने वहां से हटाए जाने की बात कही।
लोकसभा की कार्यवाही के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाने की घटना को लेकर दो ही संभावनाएं हो सकती हैं। उनके मुताबिक, या तो गृह मंत्री ने ऐसा आदेश दिया था या फिर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने गृह मंत्री की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए। राहुल गांधी के इन आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी आपत्ति जताई और उन्हें तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए माफी मांगने की मांग की थी।
Updated on:
29 Jul 2026 05:08 pm
Published on:
29 Jul 2026 03:24 pm
