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Delhi Protest: केस बंद करने की घोषणा के बाद भी सरकार को CJP ने दे डाली एक और चेतावनी, क्या कहा?

Delhi protest cases: केस बंद करने की घोषणा के बावजूद CJP ने केंद्र सरकार को नई चेतावनी दी है। उसने साफ कहा- जंतर-मंतर पर किया गया वादा पूरा करो, वरना युवा फिर सड़कों पर उतरेंगे।
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नई दिल्ली

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Mukul Kumar

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Updated: 30 Jul 2026, 8:17 PM IST

Protesters FIR

सौरव दास। (फोटो- ANI)

दिल्ली सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को आगे न बढ़ाने और उन्हें बंद मानने का आदेश जारी किया है, लेकिन इस फैसले से सीजेपी संतुष्ट नहीं हैं। उसने केंद्र सरकार को एक और चेतावनी दे दी है।

सीजेपी ने कहा है कि सरकार सिर्फ शब्दों का खेल कर रही है और जंतर-मंतर पर दिए गए वादे को पूरा नहीं कर रही। सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने साफ कहा कि युवा इस बार सरकार को माफ नहीं करेंगे। अगर वादे पूरे नहीं हुए तो सड़कें फिर भर जाएंगी।

सरकार का नोटिफिकेशन क्यों आधा-अधूरा?

दिल्ली सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में साफ लिखा है कि इन एफआईआर को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और इन्हें बंद माना जा सकता है। इस पर सौरव दास ने कहा- हमें सरकार की यह शब्दावली पसंद नहीं आई। सरकार को सीधे कहना चाहिए था कि एफआईआर वापस ले ली गई हैं। 'बंद मान लिया जाएगा' जैसा अस्पष्ट शब्द इस्तेमाल करके सरकार मुद्दे को टाल रही है।

सौरव ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश का गलत मतलब निकाल रही है। कोर्ट ने कहीं नहीं कहा कि FIR वापस नहीं ली जा सकती। यह अधिकार सरकार के पास है, लेकिन सरकार इसे हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।

जंतर-मंतर समझौते का क्या हुआ?

सौरव दास ने मीडिया के सामने सरकार से एक और सवाल पूछा। उन्होंने कहा- 25 जुलाई को जंतर-मंतर पर जो समझौता हुआ था, उसमें प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया गया था कि उनके खिलाफ केस वापस लिए जाएंगे। पूरे देश ने इसकी गवाही दी थी। अब सरकार उस वादे से मुकर रही है, जो युवाओं में गुस्सा पैदा कर रहा है। आखिरकार उस समझौते का क्या हुआ?

सीजेपी की सख्त चेतावनी

सौरव दास ने चेतावनी दी कि अगर सरकार अपने शब्द का सम्मान नहीं करती तो देश की युवा पीढ़ी इसे कभी माफ नहीं करेगी। उन्हें फिर सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

उन्होंने कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए कहा- अदालत ने एफआईआर वापस लेने पर रोक नहीं लगाई है। सरकार अपनी सुविधा के हिसाब से कोर्ट के आदेश का मतलब बदल रही है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह अपने वादे को अक्षरश: और भावना से पूरा करे।