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अब गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग, केरल हाउस से जंतर मंतर तक इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने किया मार्च

Amit Shah resignation Demand: छात्रों पर कथित पेलेट गन और लाठीचार्ज के मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस ने अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। दिल्ली में उन्होंने जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया।
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नई दिल्ली

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Mukul Kumar

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Updated: 30 Jul 2026, 5:49 PM IST

Amit Shah Resign Demand

गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस यूथ विंग के सदस्य। (फोटो- ANI)

कांग्रेस की ओर से अब गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग शुरू हो गई है। कांग्रेस की युवा विंग 'इंडियन यूथ कांग्रेस' ने दिल्ली में केरल हाउस से लेकर जंतर-मंतर तक रोड मार्च किया।

उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने मार्च किया।

'जिम्मेदारी तय होनी चाहिए'

भानु चिब ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच और छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।

सभा को संबोधित करते हुए चिब ने कहा कि यह मामला सिर्फ छात्रों का नहीं, बल्कि जवाबदेही का है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर गृह मंत्री के आदेश पर छात्रों के खिलाफ पैलेट गन और घातक बल का इस्तेमाल किया गया, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

'आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल"

चिब ने कहा कि अगर यह कार्रवाई गृह मंत्री की जानकारी के बिना हुई, तो यह देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि दोनों ही स्थितियों में जवाबदेही तय होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

बता दें कि एक दिन पहले कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में अमित शाह को घेरा था। उन्होंने भी दावा किया कि गृह मंत्री के आदेश पर छात्रों पर गोली चलाई गई।

सदन से बाहर आने के बाद भी राहुल ने गृह मंत्री को घेरा

सदन से बाहर आने के बाद राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया। अमित शाह के बारे में बोलने पर उनकी माइक बंद कर दी जा रही थी। राहुल ने यह भी दावा किया कि गृह मंत्री पर बयान देने को लेकर उनसे माफी तक मांगने के लिए दबाव बनाया गया।

इस पर भाजपा ने भी पलटवार किया। भाजपा की ओर से साफ कहा गया कि राहुल को बोलने का पूरा मिला, उनकी माइक भी चालू थी, लेकिन वह खुलकर बोलने में नाकाम रहे।