
संसद के बाहर प्रदर्शन करते एनडीए के सांसद (फोटो- आईएएनएस)
पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ इस समय देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक के चलते अपने पद से इस्तीफा दिया है। प्रधान ने यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के बाद उठाया। यह आंदोलन दिल्ली से शुरू होकर धीरे-धीरे पूरे देश में फैलने लगा था और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज हो गई थी जिसके बाद सीजेपी और बीजेपी के बीच चर्चा हुई और शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान के इस्तीफे के बाद जहां पेपर लीक का मुद्दा शांत होने की उम्मीद जताई जा रही थी वहीं अब इसे लेकर संसद के बाहर एक और प्रदर्शन शुरू हो गया है। हालांकि इस बार यह प्रदर्शन विपक्ष ने नहीं बल्कि सत्ताधारी गठबंधन NDA के सांसदों ने शुरू किया है। NDA सांसद संसद के बाहर इकट्ठा होकर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे है।
NDA सांसदों ने संसद के मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन शुरू किया और पंजाब के शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान सांसदों के हाथों में पंजाब शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो के बैनर थे। इसके साथ ही सांसदों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल की तस्वीरों वाले बैनर हाथ में लिए हुए थे। इन तस्वीरों में केजरीवाल और मान के मुह पर पट्टी बंधी थी और लिखा था, चुप्पी क्यों। पंजाब में हुई 6 पेपर लीक को लेकर जवाबदेही मांगते हुए सांसदों ने जमकर प्रदर्शन किया और AAP के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी सांसदों का कहना है कि पंजाब में कई भर्ती परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप लगे हैं, इसलिए इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सांसदों ने इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और सख्त कार्रवाई की मांग की। सत्ताधारी गठबंधन के सांसदों का कहना है कि जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा से जुड़े मामलों में जवाबदेही की बात उठी, उसी तरह पंजाब सरकार को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। एनडीए के साथ-साथ कांग्रेस ने भी हरजोत बैंस के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब सरकार पर भी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में कई भर्ती परीक्षाओं और 12वीं कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा सहित कई मामलों में पेपर लीक के आरोप लगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन मामलों का विरोध करने वाले छात्रों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। वहीं दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सवाल उठाया कि जो नेता दूसरे राज्यों के परीक्षा विवाद पर आवाज उठाते थे, वे पंजाब के मामलों पर चुप क्यों हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और हरजोत बैंस के इस्तीफे की मांग दोहराई।
Updated on:
28 Jul 2026 12:40 pm
Published on:
28 Jul 2026 11:52 am
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