
संसद का मानसून सत्र 2026 (Photo- ANI)
Opposition uproar in Parliament: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत मंगलवार को भी हंगामेदार रही। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को विपक्ष ने लोकसभा में जोर-शोर से उठाया। विपक्षी सांसद इस मामले पर सरकार से बार-बार जवाब की मांग करते रहे, जिसके चलते सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही और कार्यवाही प्रभावित हुई।
वहीं, राज्य सभा में भी नीट पेपर लीक मामले में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए हंगामा किया। सभापति सीपी राधा कृष्णन ने शून्यकाल शुरू करने की कोशिश की, लेकिन शोर-शराबा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
भाजपा सांसद अरुण गोविल ने कहा, 'विपक्ष ने कहा था कि वे अब चर्चा के लिए तैयार हैं। मैं यह नहीं जानता कि आखिर वे क्यों बार-बार अपनी बात से हट जाते हैं। यह बिल छात्रों और युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है… उन्हें चर्चा करनी चाहिए और सरकार ने युवाओं के लिए बहुत ठोस कदम उठाए हैं। मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि राजनीति में न पड़ें और आपकी जो भी परेशानियां हैं उनका समाधान होगा… सरकार नकारात्मक नहीं सकारात्मक है…'
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा, 'चर्चा होनी चाहिए, मैं स्वयं चर्चा का समर्थक हूं। संवाद से रास्ते निकलेंगे। हम लोगों को भी अपनी बात कहने का मौका मिलेगा… नौजवान बेरोजगार हैं और बेरोजगार नौजवानों पर दंड थोपना अच्छी बात नहीं है… चर्चा होनी चाहिए लेकिन चर्चा में जवाब देना होगा कि गोलियां क्यों चली हैं? हमारे देश के बच्चों के साथ इस प्रकार का व्यवहार क्यों हुआ है?…'
लोकसभा में दोपहर दो बजे पेपर लीक बिल पर चर्चा हो सकती है। इस बिल में 2024 में बने कानून में बदलाव किए गए हैं। लोकसभा स्पीकर ने इस बिल पर चर्चा के लिए 6 घंटे का समय निर्धारित किया है। जरूरत पड़ने पर समय को बढ़ाया भी जा सकता है।
Updated on:
28 Jul 2026 12:07 pm
Published on:
28 Jul 2026 11:33 am
