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सिक्किम में मीथेन गैस विस्फोट के बाद भूस्खलन, अब तक 7 मजदूरों की मौत, 27 से ज्यादा की जिंदगी खतरे में

Sikkim Tunnel Accident: सिक्किम के नामची में बड़ा हादसा। NHPC की तीस्ता प्रोजेक्ट सुरंग में गैस ब्लास्ट के बाद भूस्खलन। 7 मजदूरों की मौत, 27 से ज्यादा फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी। पढ़ें पूरी खबर...
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Jul 21, 2026
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सिक्किम के तीस्ता प्रोजेक्ट में बड़ा हादसा, मीथेन विस्फोट से सुरंग धंसी | फोटो सोर्स-X(@Sikkim1234)

NHPC Sikkim Accident: सिक्किम के नामची जिले में एक बहुत बड़े हादसे की खबर आ रही है। यहां समरडुंग, झोलुंगे स्थित NHPC के तीस्ता स्टेज VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की एक निर्माणाधीन सुरंग (टनल) में बड़ा हादसा हो गया है। सुरंग के अंगप अचानक मीथेन गैस का जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद वहां वहां मिट्टी और चट्टानें खिसक गईं (भूस्खलन)। इस हादसे में मलबे के कारण सुरंग का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया, जिससे अंदर काम कर रहे 27 से ज्यादा मजदूर फंस गए।
जिला प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है। वहीं, सुरंग के अंदर फंसे बाकी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए स्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

जहरीली गैस बनी मुसीबत, बचाने आए कर्मचारी भी हुए बेहोश

यह हादसा समरदुंग इलाके में हुआ है। टनल के अंदर हालात बहुत ज्यादा खराब हैं क्योंकि वहांं मीथेन गैस फैलने की आशंका है। अंदर बहुत ज्यादा अंधेरा होने और रास्ता संकरा होने की वजह से टीम को आगे बढ़ने में काफी दिक्कत आ रही है। वहीं इस जहरीली गैस की वजह से राहत काम में लगे कई बचावकर्मियों को चक्कर आ गए और कुछ लोग तो बेहोश भी हो गए।

मदद के लिए बंगाल से बुलाई गई स्पेशल टीम

सोमवार दोपहर करीब 3:40 बजे जैसे ही जिला प्रशासन को इस हादसे की जानकारी मिली, तब तुरंत ही एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), सिक्किम पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर रवाना कर दिया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल से एक स्पेशल रेस्क्यू टीम को भी बुलाया गया है। यह स्पेशल टीम अपने साथ आधुनिक गैस मास्क और सुरक्षा उपकरण लेकर आई है ताकि जहरीली गैस के बीच भी सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों तक पहुंचा जा सकें।

फंसे हुए लोगों में इंजीनियर और मजदूर शामिल

शुरुआती जानकारी के अनुसार, टनल के अंदर फंसे 27 लोगों में से 21 कर्मचारी 'पटेल इंजीनियरिंग' कंपनी के हैं और 6 लोग एनएचपीसी (NHPC) के हैं। लेकिन वहीं नामची के डिप्टी कमिश्नर (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) का कहना है कि सुरंग के अंदर फंसे लोगों की सही संख्या का पता लगाया जा रहा है, इसलिए यह संख्या बदल भी सकती है।

घायलों के लिए एम्बुलेंस तैयार, जांच के आदेश

प्रशासन की पहली प्राथमिकता अभी सुरंग में फंसे सभी मजदूरों की जान बचाना है। मौके पर कई एम्बुलेंस तैनात हैं ताकि बाहर निकाले जाने वाले मजदूरों को तुरंत इलाज मिल सके। जान गंवाने वाले 7 मजदूरों के शवों को सिंगतम जिला अस्पताल, STNM अस्पताल (गंगटोक) और नामची जिला अस्पताल ले जाया गया है। सरकार की आपदा प्रबंधन टीम पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद इस हादसे की पूरी जांच की जाएगी।

Updated on:
21 Jul 2026 09:06 am
Published on:
21 Jul 2026 07:03 am