Suvendu Adhikari Government handed over 27 km of land to BSF: सिलीगुड़ी के फांसीदेवा इलाके में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम शुरू हो गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने BSF को 27 किमी जमीन सौंपी है, जिससे सीमा सुरक्षा मजबूत होगी।
BSF Siliguri border fencing: भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 27 किलोमीटर जमीन सौंप दी है। इसके साथ ही सिलीगुड़ी सब-डिवीजन के फांसीदेवा इलाके में सीमा पर फेंसिंग का काम शुरू हो गया है। लंबे समय से लंबित जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर काम तेज कर दिया है।
सीमावर्ती इलाके से सामने आई तस्वीरों में फेंसिंग का काम जारी दिखाई दे रहा है। माना जा रहा है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी। यह इलाका लंबे समय से अवैध घुसपैठ और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर संवेदनशील माना जाता रहा है।
स्थानीय लोगों ने फेंसिंग शुरू होने पर खुशी और राहत जाहिर की है। यहां के निवासी अनिल घोष ने कहा, यह एक सीमावर्ती इलाका है, जहां पहले कोई सुरक्षा नहीं थी। यहां का माहौल पहले इतना भयावह था कि मैं उसका वर्णन नहीं कर सकता। पहले, हम यहां गायें भी नहीं पाल सकते थे। गायें पालना, खुद को बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं के हवाले करने जैसा था। यह न केवल पश्चिम बंगाल के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए सुरक्षा का मामला था। आज, हमें लगता है कि नई सरकार और नए मुख्यमंत्री के प्रयासों की बदौलत हम सुरक्षित हैं।'
एक अन्य निवासी, नारायण साहा ने कहा कि गांव वाले 'राहत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा को सुरक्षित करने की उनकी पिछली मांगें पूरी नहीं की गई थीं। उन्होंने ANI को बताया, "हम गाँव की सफलता और समृद्धि के लिए इस सरकार को बधाई देते हैं, क्योंकि सीमावर्ती इलाके में रहने वाले हम लोगों को कई मुश्किलों से राहत मिली है। हमने सीमा पर फेंसिंग लगाने की मांग की थी, लेकिन किसी वजह से वह नहीं हो पाया था। आज, सुभेन्दु अधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद, BSF को 10 दिनों के भीतर पूरी छूट दे दी गई है। हम सभी गांव वाले खुशी से झूम रहे हैं। गांव वाले बहुत खुश हैं। उन्हें लगता है कि अब वे आजादी से सांस ले सकते हैं। हम चैन से सो सकते हैं।'
एक अन्य निवासी, शिवम मोदक ने इस घटनाक्रम को 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का मामला बताया। उन्होंने जमीन के हस्तांतरण का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। यह बहुत खुशी की बात है। सरकार ने BSF को जो 27 किलोमीटर जमीन दी है, उससे हमें बड़ी राहत मिली है। पहले हमें दुश्मनी की समस्या की वजह से बहुत असुरक्षित महसूस होता था, क्योंकि किसी भी समय कोई भी कुछ भी कर सकता था। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। हमने इसके लिए कई बार गुजारिश की थी, लेकिन हमें बताया गया था कि पिछली राज्य सरकार जमीन नहीं दे रही है।'
बता दें कि यह घटनाक्रम उस घोषणा के कुछ दिनों बाद सामने आया है, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने कहा था कि राज्य सरकार भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग, सीमा चौकियों और BSF के बुनियादी ढांचे के लिए अतिरिक्त जमीन देने को तैयार है। उन्होंने पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पहली कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के तहत 45 दिनों के भीतर जमीन गृह मंत्रालय को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद BSF फेंसिंग का काम पूरा करेगा।