
Iran Supreme Leader Mojtaba Khamenei (Photo- IANS)
Where is Mojtaba Khamenei: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पद संभालने के दो महीने बाद भी जनता के सामने नहीं आए हैं। इस वजह से उनके स्वास्थ्य और ठिकाने को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इजरायल ने बड़े हमले किए थे, जिसमें पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और उनके परिवार के कई लोग मारे गए थे। अफवाहें थीं कि इस हमले में मोजतबा खामेनेई की भी जान चली गई है या वे गंभीर रूप से घायल हैं।
इन अफवाहों को रोकने के लिए अब ईरानी अधिकारी धीरे-धीरे सच्चाई सामने ला रहे हैं। सुप्रीम लीडर के कार्यालय के अधिकारी मजाहिर हुसैनी ने बताया कि हमले के वक्त मोजतबा परिसर की सीढ़ियां चढ़ रहे थे। धमाके के झटके से गिरने के कारण उनके घुटने, पीठ और कान के पीछे चोटें आईं। अधिकारियों ने समर्थकों से सब्र रखने को कहा है और भरोसा दिलाया है कि सही समय आने पर सुप्रीम लीडर खुद सामने आकर जनता से बात करेंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी चेहरा बिगड़ने या शरीर का कोई अंग काटने जैसी खबरों को पूरी तरह झूठ और दुश्मनों की साजिश बताया है।
भले ही अधिकारी सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन अंदरूनी और खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि ईरान के भीतर डर का माहौल है। मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा को लेकर असाधारण सावधानी बरती जा रही है। इजरायली हमले और हत्या के डर से सुप्रीम लीडर ने फोन, इंटरनेट या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का इस्तेमाल बंद कर दिया है ताकि उन्हें ट्रैक न किया जा सके।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान के रिश्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के साथ बेहद नाजुक दौर में हैं। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर विवाद चल रहा है। दुनिया को यह दिखाने के लिए कि देश का नेतृत्व मजबूत है, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने बयान दिया कि उन्होंने खुद मोजतबा खामेनेई से मुलाकात की है और वे पूरी तरह सक्रिय हैं। ईरान ने अमेरिका की उस मांग को भी ठुकरा दिया है जिसमें उसने अपना संवर्धित यूरेनियम देश से बाहर भेजने को कहा था। ईरान का कहना है कि यह फैसला खुद मोजतबा खामेनेई का है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व की एकजुटता पर खुले तौर पर सवाल उठाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले महीने ही कहा था कि ईरान की सरकार में भारी भ्रम है और उन्हें खुद नहीं पता कि उनका असली नेता कौन है। हालाकि पर्दे के पीछे, ईरानी अधिकारी इस समय बेहद तनाव में हैं। उन्हें डर है कि यदि अमेरिका के साथ बातचीत का यह दौर नाकाम रहा, तो अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर और भी भयानक हमले कर सकते हैं।
Published on:
22 May 2026 09:57 am
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