Singhu Border पर दलित युवक की हत्या के बाद राजनीति गर्मा गई है। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत का बड़ा बयान सामने आया है। राकेश टिकैत ने कहा है कि जिस किसी ने भी हत्या की थी,उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है, पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच करें, इसका आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा
नई दिल्ली। दिल्ली के पास सिंघु बॉर्डर ( Singhu Border ) पर शुक्रवार सुबह एक युवक की बड़ी ही बेहरहमी से हत्या कर उसके शव को मुख्य मंच के पीछे बैरिकेड से लटका दिया गया था। इस घटना के बाद से ही राजनीति गर्मा गई है। इस बीच किसान नेता राकेश टिकैत का बड़ा बयान सामने आया है।
राकेश टिकैत ने कहा है कि सिंघु बॉर्डर पर हुई दलित युवक की हत्या निंदनीय है। जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया उसने समर्पण कर दिया है। पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करे। बता दें कि इस घटना के जुड़े कई वीडियो वायरल हुए जिनमें से एक वीडियो में निहंगों ने व्यक्ति की हत्या की बात भी कबूली है। पुलिस ने इस मामले में सरबजीत नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। जिसकी कोर्ट में पेशी होना है।
सिंघु बॉर्डर पर बेरहमी से हत्या के घंटों बाद सिखों की निहंग परंपरा के तहत नीले लिबास में सरबजीत सिंह नाम का व्यक्ति मीडिया के समक्ष आया और दावा किया कि उसने पीड़ित को पवित्र ग्रंथ की बेअदबी करने की सजा दी है।
इसके बाद सिंघु बॉर्डर पर हुए हत्याकांड में निहंग सिख सरदार सरबजीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
ये बोले राकेश टिकैत
इस मामले पर बात करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ( Rakesh Tikait ) ने कहा कि जो हुआ वह गलत है। उन्होंने कहा, 'किसी ने दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास सिंघु बॉर्डर पर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। बाद में पुलिस ने हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया। मामला जांच का विषय है। टिकैत ने कहा कि यह हमारे आंदोलन को प्रभावित नहीं करेगा।'
बता दें कि एक दिन भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना के पीछे राकेश टिकैत को जिम्मेदार बताया था। बीजेपी आईटी सेल के अमित मालवीय ने कहा था कि, किसान आंदोलन के नाम पर बलात्कार, हत्या, वैश्यावृति, हिंसा और अराजकता हुई है. अब सिंघु बॉर्डर पर एक युवक की बर्बर हत्या. आखिर हो क्या रहा है?
किसान आंदोलन के नाम पर ये आराजकता करने वाले लोग कौन हैं जो किसानों को बदनाम कर रह है? मालवीय ने कहा कि राकेश टिकैत ने लखीमपुर में हुई लॉब लिचिंग को सही नहीं ठहराया होता तो सिंघु बॉर्डर पर एक युवक की हत्या नहीं हुई होती।