
SIR Form 6: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों के बीच आयोग ने Form 6 और उससे जुड़े Declaration को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार, Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। SIR के तहत नए मतदाताओं के लिए इसके साथ एक अतिरिक्त Declaration Form लगाया गया है। आयोग का कहना है कि यह व्यवस्था उसके SIR निर्देशों का हिस्सा है। आयोग ने यह भी कहा है कि SIR और तकनीक से जुड़े सभी अंतिम फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है, जब दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से Form 6 से जुड़े बदलावों पर आपत्ति किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
Form 6 का इस्तेमाल नए मतदाता के रूप में नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है। SIR के दौरान इसके साथ एक अतिरिक्त Declaration Form की व्यवस्था की गई है, जिसमें आवेदक से पिछले SIR में खुद या माता-पिता/दादा-दादी के नाम से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह Declaration, मूल Form 6 का हिस्सा नहीं है बल्कि उसके साथ अतिरिक्त रूप से जमा किया जाना है।इस व्यवस्था को लेकर चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आपत्ति जताई थी। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने सवाल उठाया था कि निर्धारित नियमों में बदलाव के बिना Form 6 में इस तरह का बदलाव नहीं किया जा सकता। हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मूल Form 6 में कोई बदलाव नहीं हुआ है और SIR से जुड़ी जानकारी के लिए अलग Declaration की व्यवस्था की गई है।
चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, Form 6 के साथ Declaration Form जमा करने की व्यवस्था SIR के आदेशों में शामिल है और इसे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी रखा गया था। आयोग के अनुसार, यह व्यवस्था जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) के तहत है और सुप्रीम कोर्ट ने इसे बरकरार रखा है। आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल पर भी SIR-2026 के तहत नए मतदाताओं के लिए Form 6 और उससे जुड़े Declaration Form की अलग व्यवस्था दिखाई गई है।
चुनाव आयोग ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्था के भीतर विचार-विमर्श, सवाल और सुझाव आना सामान्य प्रक्रिया है। आयोग के अनुसार, SIR और तकनीक से जुड़े अंतिम निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। आयोग के सूत्रों ने यह भी कहा कि बिहार के SIR, असम के Summary Revision और अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में SIR से जुड़े आदेशों को तीनों आयुक्तों ने मंजूरी दी थी। इनमें Form 6 के साथ Declaration की व्यवस्था भी शामिल थी।