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कर्नाटक में मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने के लिए 48 घंटों में दिए 3757 आवेदन, पवन खेड़ा ने SIR पर उठाए सवाल

Karnataka SIR Voter Deletion: कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के दौरान बाबलेश्वर और भालकी विधानसभा क्षेत्रों में 3,757 मतदाता हटाने के आवेदनों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर चिंता जताई और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
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भारत

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Ashib Khan

•

Sep 26, 2026

Pawan Khera SIR Karnataka

पवन खेड़ा ने SIR को लेकर चुनाव आयोग पर साधा निशाना (Photo-IANS)

Pawan Khera SIR Karnataka: कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कर्नाटक में हुई एसआईआर को लेकर सवाल उठाए है। उन्होंने दो विधानसभाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि अंतिम 48 घंटों के दौरान वोटरों के नाम हटना के लिए 3757 आवेदन दिए गए। इन्हें महज 38 लोगों ने दिए थे। इन आवेदनों में मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाया गया। ये दोनों विधानसभा सीटें कांग्रेस का गढ़ थी। खेड़ा ने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की भी मांग की है।

पवन खेड़ा ने SIR पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि कर्नाटक से आई यह खबर चिंताजनक है। SIR के दौरान केवल दो विधानसभा क्षेत्रों बाबलेश्वर और भालकी में अंतिम 48 घंटों के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने के लिए 3,757 आवेदन दाखिल किए गए, जिन्हें केवल 38 लोगों ने प्रस्तुत किया था। ये दोनों विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि इन आवेदनों में मुख्य रूप से मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाया गया, जबकि कम संख्या में ऐसे लोग भी शामिल थे जो मदर अनुसूचित जाति से संबंधित प्रतीत होते हैं। इसे और गंभीर बनाने वाली बात इसकी प्रक्रिया है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि जिस मतदाता के नाम को मतदाता सूची में शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज की जाती है, उसे स्वतः सुनवाई का अधिकार नहीं मिलता। नियमों के अनुसार, नामित अधिकारी Form 7 के तहत दाखिल आपत्ति को बिना किसी जांच के स्वीकार या खारिज कर सकता है, जब तक कि आपत्ति स्वीकार किए जाने से पहले लिखित रूप में विशेष रूप से जांच की मांग न की गई हो। 

पवन खेड़ा ने कहा कि इसका अर्थ यह है कि संभावित रूप से किसी मतदाता का नाम उसकी बात सुने बिना ही मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। यह केवल कांग्रेस पार्टी के खिलाफ किसी कथित साजिश का मामला नहीं है, बल्कि देश के हर मतदाता के अधिकार से जुड़ा मुद्दा है। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए।

प्रियंका गांधी ने क्या कहा?

CEC के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यदि चुनाव आयोग चुनावों में धांधली करने में भाजपा की मदद और उसका सहयोग कर रहा है, तो स्वाभाविक रूप से वह अपने काम को सही ठहराने की कोशिश करेगा। आपने चुनाव से पहले उनके अति-आत्मविश्वास भरे बयान पहले भी देखे हैं, जिनमें वे यह तक बताते हैं कि उन्हें कितनी सीटें मिलने वाली हैं।

गांधी ने कहा कि लेकिन भारत के लोग उनसे इतने खुश नहीं हैं। इसलिए जमीनी स्तर पर लोगों से जो बातें सुनने को मिल रही हैं, वे कुछ और हैं, जबकि चुनाव का परिणाम कुछ और दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने तत्काल मांग की है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। INDIA गठबंधन इस मामले में पूरी तरह स्पष्ट है। गठबंधन का हर नेता और हर पार्टी इस बात पर पूरी तरह सहमत है कि जो कुछ हो रहा है, वह पूरी तरह गैर-कानूनी है।