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कोलकाता के कॉलेज में ‘जय श्री राम’ पर विवाद, VHP बोली- विरोध करने वाले अपने पूर्वजों का कर रहे अपमान

Scottish Church College Kolkata: VHP के प्रवक्ता विनोद बंसल ने उन लोगों पर सवाल उठाए जिन्होंने कोलकाता के स्कॉटिश चर्च कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में 'जय श्री राम' के नारे लगाने पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात की जांच करनी चाहिए कि नारे का विरोध किसने किया था।
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Vishwa Hindu Parishad National Spokesperson Vinod Bansal

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल (फोटो- एएनआई)

Vinod Bansal VHP: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्कॉटिश चर्च कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में 'जय श्री राम' के नारे लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कार्यक्रम के दौरान इस नारे का विरोध किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए हुए VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि जो लोग 'जय श्री राम' के नारे से चिढ़ते हैं, वे असल में अपने ही पूर्वजों का घोर अपमान कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे और नारे का विरोध करने वालों को बेनकाब करे।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजित किया गया था कार्यक्रम

घटना के बारे में बताते हुए VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर स्कॉटिश चर्च कॉलेज में देश की महानता और गौरव को दिखाने वाला एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जो एक सामान्य सर्कुलर के तहत हुआ था।

उन्होंने कहा, "कार्यक्रम के दौरान 'जय श्री राम' के नारे का जिस तरह से विरोध किया गया, वह बेहद निंदनीय है। अब हमें यह स्पष्ट नहीं है कि इसका विरोध कॉलेज के प्रबंधन ने किया, वहां मौजूद कम्युनिस्ट मानसिकता के लोगों ने किया या किसी अन्य तत्व ने।"

चिढ़ने वाले अपने पूर्वजों का कर रहे अपमान : विनोद बंसल

विनोद बंसल ने कहा कि बंगाल की पवित्र धरती पर जैसे एक पूर्व मुख्यमंत्री 'जय श्री राम' के नारे से नाराज हो जाती थीं, वैसी ही सोच आज भी कुछ लोगों की है। उन्होंने कहा कि 'जय श्री राम' सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक पवित्र और गौरवशाली उद्घोष है। जो कोई भी इस उद्घोष से चिढ़ता है, वह सीधे तौर पर अपनी जड़ों और पूर्वजों का अपमान कर रहा है। लोगों को ऐसे ओछे और संकीर्ण विवादों में पड़ने से बचना चाहिए।

सरकार से की जांच की मांग

विनोद बंसल ने मांग की कि पश्चिम बंगाल सरकार और स्थानीय प्रशासन इस मामले में दखल दें। उन्होंने कहा कि प्रशासन को उन लोगों की पहचान करने के लिए जांच करनी चाहिए जिन्होंने शिक्षण संस्थान के भीतर नारे का विरोध किया था। विनोद बंसल ने कहा कि बंगाल के लोग जागरूक हो रहे हैं और राज्य की सोच बदल रही है, इसलिए ऐसे लोगों को अपनी संकीर्ण सोच तुरंत बदल लेनी चाहिए।