
23 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में INDIA ब्लॉक के फ्लोर लीडर्स बैठक करते हुए। (फाइल फोटो - आईएएनएस)
INDIA Bloc Meeting on Election Commission: विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच इंडिया ब्लॉक के दल 30 सितंबर को दिल्ली में बैठक कर सकते हैं। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रस्तावित बैठक में चुनाव आयोग और एसआईआर समेत अन्य मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर आगे की रणनीति पर भी विचार किए जाने की संभावना है।
यह बैठक ऐसे समय प्रस्तावित है जब कांग्रेस समेत विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कई राज्यों में प्रदर्शन किया और कुमार के इस्तीफे तथा उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
कांग्रेस के प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, मणिपुर और पश्चिम बंगाल समेत कई जगहों पर हुए। ये प्रदर्शन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर किए गए। पार्टी की राज्य इकाइयों को चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकालने और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने को कहा गया था।
असम के गुवाहाटी में प्रदर्शन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई को पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं, मणिपुर में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के अंदर भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। देहरादून, लखनऊ, चंडीगढ़ और कोलकाता में भी प्रदर्शन हुए।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया जा रहा है और दोनों सदनों में नोटिस दिया जा सकता है। यह मामला 29 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी उठने की संभावना है।
कर्नाटक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ज्ञानेश कुमार और बीजेपी विधायक अभय पाटिल के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई है। पार्टी ने मतदान के अधिकार के कथित उल्लंघन और मतदाता सूची में कथित हेरफेर को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
चुनाव आयोग को लेकर विवाद उस रिपोर्ट के बाद और तेज हुआ, जिसमें कहा गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने के दौरान SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन आपत्तियों में वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म-6 में बदलाव, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने और चुनावी डेटा के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे शामिल थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को संस्थागत मतभेद का सबूत मानने से इनकार किया है। आयोग का कहना है कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था के कामकाज में अलग-अलग राय, संचालन संबंधी सवाल, आंतरिक प्रतिक्रिया और प्रशासनिक सुझाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि SIR से जुड़े अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
बीजेपी ने भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने एसआईआर प्रक्रिया को कानूनी रूप से सही बताया और कहा कि आयोग के फैसले बहुमत की सहमति के आधार पर लिए गए हैं।
ऐसे में 30 सितंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयोग, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की आगे की रणनीति पर चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Updated on:
26 Sept 2026 02:33 pm
Published on:
26 Sept 2026 02:09 pm
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