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Sonam Wangchuk: जब चाहें अपने पति से मिल सकती हैं सोनम वांगचुक की पत्नी, दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश में क्या-क्या कहा?

Sonam Wangchuk News: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को सफदरजंग से मेदांता अस्पताल में तुरंत शिफ्ट करने का आदेश दिया। पत्नी गीतांजलि अंग्मो को किसी भी समय मिलने की छूट मिली है।
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Jul 21, 2026
Sonam Wangchuk during hunger strike after alleged attack.
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक। (Photo- IANS)

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर चल रहा विवाद अब एक नया मोड़ ले चुका है। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल से तुरंत मेदांता अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश दे दिया।

कोर्ट ने साफ कहा कि वांगचुक अपनी पसंद के अस्पताल में जा सकते हैं और उनकी पत्नी गीतांजलि अंग्मो को किसी भी समय उनसे मिलने की पूरी छूट होगी।

छात्र आंदोलन के बीच आया फैसला

यह फैसला दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के बीच आया है। इसमें अब विपक्ष के तमाम नेता शामिल हो गए हैं। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खरगे सहित तमाम कांग्रेस नेता पीएम आवास के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान, कई कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

अभी तक सोनम ने खत्म नहीं की भूख हड़ताल

पहले पेपर लीक के मुद्दे पर युवा जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। सोनम वांगचुक ने 28 जून से उनकी मदद में अनशन शुरू किया था। सोनम वांगचुक 24 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। अभी भी उन्होंने अनशन खत्म नहीं किया है।

उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। परिवार का आरोप था कि उन्हें जबरन वहां रखा जा रहा है और इलाज में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। गीतांजलि अंग्मो ने कोर्ट में अपील की कि उनके पति को अपनी मर्जी का अस्पताल चुनने का अधिकार है।

डॉक्टरों की राय के बाद कोर्ट ने बदला फैसला

सिंगल बेंच ने पहले इस पर राहत देने से मना कर दिया था, लेकिन डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान डॉक्टरों की राय सुनने के बाद फैसला बदल दिया। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने कहा कि वांगचुक की सेहत की लगातार निगरानी जरूरी है।

मेदांता में डॉक्टरों की टीम बनेगी

कोर्ट के आदेश के मुताबिक, मेदांता अस्पताल के डायरेक्टर एक स्पेशल टीम बनाएंगे। ये डॉक्टर वांगचुक की हालत पर नजर रखेंगे, जरूरी दवाइयां देंगे और मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन करेंगे। वांगचुक को भी डॉक्टरों की सलाह माननी होगी।

सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि उन्हें मेदांता शिफ्ट करने पर कोई आपत्ति नहीं है। कोर्ट ने परिवार की चिंताओं को भी गंभीरता से लिया।

पत्नी ने लगातार उठाई आवाज

गीतांजलि अंग्मो ने पूरे मामले में लगातार आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि सफदरजंग में रिपोर्ट्स समय पर नहीं दी जा रही थीं और परिवार का विश्वास टूट गया था।

अब कोर्ट ने उन्हें पूर्ण विजिट की इजाजत दे दी है, जो एक बड़ी राहत है। कोर्ट ने साफ किया कि कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से इलाज चुन सकता है, लेकिन जान बचाने के लिए जरूरी कदम भी उठाए जा सकते हैं।

Updated on:
21 Jul 2026 07:31 pm
Published on:
21 Jul 2026 04:20 pm