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सोनम वांगचुक का अनशन के बीच गिरा ब्लड शुगर और पोटैशियम लेवल, IV फ्लूड लेने से भी किया इनकार

Sonam Wangchuk Health Update: अनशन के बीच ब्लड शुगर और पोटैशियम लेवल गिरा, डॉक्टरों ने दी पैंसाइटोपेनिया की जानकारी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
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अनशन के बीच सोनम वांगचुक का हेल्थ अपडेट | फोटो सोर्स- ANI

Sonam Wangchuk Protest: अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। 21 जुलाई की सुबह तक आई मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, सोनम वांगचुक के शरीर के जरूरी अंग (वाइटल्स) अभी सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। लेकिन लंबे समय से भूखे रहने की वजह से उनके शरीर में ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया है। डॉक्टरों ने उनके शरीर में पोटैशियम और खून की भारी कमी (पैंसाइटोपेनिया) भी पाई है। गंभीर स्थिति होने के बाद भी वांगचुक ने नस के जरिए ग्लूकोज या कोई भी ड्रिप (IV फ्लूड) लेने से साफ मना कर दिया है।

ब्लड रिपोर्ट में सामने आई यह कमी

कल रात डॉक्टरों ने उनके खून के सैंपल लिए थे। जिसमें जांच में उनके शरीर में सीरम पोटैशियम का लेवल घटकर 3.2 mEq/L रह गया, जो सामान्य से कम है। इसके साथ ही वह लगातार 'पैंसाइटोपेनिया' जैसी स्थिति से भी जूझ रहे हैं। जिसका मतलब है उनके शरीर में एनीमिया (खून की कमी) देखी जा रही है और साथ ही ल्यूकोसाइट्स यानी संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) की संख्या भी कम हो गई है।

दवाइयां ले रहे हैं, लेकिन ग्लूकोज चढ़वाने से किया मना

शारीरिक कमजोरी को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें ओआरएस (ORS) का घोल पीने और मुंह से पोटैशियम की दवाइयां लेने को कहा है, जिसे वह ले रहे हैं। डॉक्टरों ने उन्हें कमजोरी दूर करने के लिए नस के जरिए दी जाने वाली ड्रिप (IV फ्लूड) और ग्लूकोज चढ़वाने की बार-बार सलाह दी, लेकिन वांगचुक ने फिलहाल IV फ्लूड लेने से साफ इनकार कर दिया है।

डॉक्टरों की टीम रख रही है पल-पल की नजर

लंबे समय से उपवास पर रहने के कारण सोनम वांगचुक के शरीर पर काफी बुरा असर पड़ रहा है। उनके शरीर में हल्के से मीडियम लेवल का डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) देखा गया है। ब्लड रिपोर्ट में आए इन उतार-चढ़ाव को देखते हुए डॉक्टरों का कहना है कि उनकी सेहत पर 24 घंटे लगातार नजर रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी बड़े खतरे को समय रहते टाला जा सकें। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उन्हें इलाज की सभी जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। आगे का इलाज उनकी सेहत में होने वाले बदलावों और समय-समय पर होने वाली नई लैब जांचों की रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा।

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