
पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेने पर बोले सुखजिंदर सिंह रंधावा, ANI PHOTO ( enhance by AI )
प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस दौरान पुलिसिया कार्रवाई पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
सांसद रंधावा ने कहा कि 'अगर संसद सदस्यों (MPs) के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है और हमारी यह हालत है, तो आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि देश के छात्रों और युवाओं के साथ क्या हो रहा होगा।'
इसके साथ ही कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की बात सुनने को तैयार नहीं है। यह पूरी तरह गुंडागर्दी और दबंगई है। चन्नी ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर संवाद करना चाहिए, न कि उनके विरोध को बल प्रयोग से रोकना चाहिए।
दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को सियासी माहौल गर्म हो गया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई वरिष्ठ नेता व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च के लिए सड़कों पर उतरे। इस दौरान कांग्रेस ने छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कई मार्गों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने, प्रदर्शन के दौरान हुए बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं को अनदेखा करने के बजाय सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के हित में ठोस फैसले लेने चाहिए।
Updated on:
21 Jul 2026 04:47 pm
Published on:
21 Jul 2026 04:30 pm
