
Ravneet Bittu On Sonia Gandhi: कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और बढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और पूर्व कांग्रेस नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों और देशभक्तों के लिए ‘वंदे मातरम’ हमेशा से गर्व और सम्मान का गीत रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विवाद के जरिए सोनिया गांधी का 'असली चेहरा' सामने आ गया है। बिट्टू ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ देशवासियों के दिलों में बसा हुआ है और किसी के इसे रोकने से इसकी महत्ता कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि लोग अपने देशभक्ति के गीत और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े इस गीत को हमेशा सम्मान देते रहेंगे।
दरअसल, कांग्रेस मुख्यालय में 15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया था। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच बातचीत और इशारों का एक वीडियो सामने आया, जिसके बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम’ का गायन रोकने के लिए खरगे से कहा। हालांकि, सामने आए वीडियो में उनकी बातचीत का पूरा ऑडियो स्पष्ट नहीं है।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ गाया जा रहा था और गायन के दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष से इसे रोकने को कहा।
अमित शाह ने कहा कि करीब 80 साल बाद बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का यह अमर गीत फिर से सम्मान हासिल कर रहा है, लेकिन यह सोनिया गांधी को रास नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता इस पूरे घटनाक्रम को देख रही है और कांग्रेस को इस मामले में देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
रवनीत सिंह बिट्टू ने सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और देशभक्तों ने हमेशा ‘वंदे मातरम’ गाया है और यह गीत लोगों के दिलों में बसा हुआ है। उन्होंने कहा कि इसे रोकने की कोशिश से कुछ बदलने वाला नहीं है, लेकिन इस पूरे विवाद ने लोगों के सामने 'असली चेहरा' जरूर ला दिया है।