
Sourav Das Petition: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता और एक्टिविस्ट सौरव दास ने निजता के उल्लंघन के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर हर्जाना मांगा है। उन्होंने मीडिया कमेंटेटर अभिजीत अय्यर-मित्रा, मीडिया प्लेटफॉर्म 'द पैम्फलेट', कानूनी समाचार प्लेटफॉर्म 'लॉबीट' और सोशल मीडिया अकाउंट्स 'द जयपुर डायलॉग्स' तथा 'द संडे गार्डियन' के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन लोगों और संस्थाओं ने उनके घर का पता और निजी जानकारी सार्वजनिक की है।
सौरव दास ने अपनी निजता का उल्लंघन करने के लिए 2.01 लाख रुपए के हर्जाने की मांग की है। उन्होंने अय्यर-मित्रा, 'द पैम्फलेट', 'लॉबीट', 'द जयपुर डायलॉग्स' और 'द संडे गार्डियन' को उनके घर का पता प्रकाशित करने, फैलाने या उजागर करने से रोकने के लिए स्थायी रोक की मांग की है।
साथ ही, उन्होंने इन लोगों को उन वीडियो और पोस्ट को हटाने और उन तक जनता की पहुंच बंद करने का निर्देश देने की भी मांग की है, जिनमें ये जानकारियां दी गई थीं। X कॉर्प और गूगल को भी निर्देश देने की मांग की गई है कि वे जानकारी उजागर करने वाले कंटेंट को हटा दें और उस कंटेंट को आगे फैलने से रोकें।
दास ने कहा है कि वे 2025 की शुरुआत से ग्रेटर कैलाश-I की एक प्रॉपर्टी के ग्राउंड फ्लोर पर किराए के कमरे में रह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 'द पैम्फलेट' के प्रतिनिधियों ने उस साझा रिहायशी परिसर में बिना अनुमति प्रवेश किया और अंदर का वीडियो रिकॉर्ड किया। इसके बाद 5 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फुटेज प्रकाशित की गई।
बताया गया है कि जिस वीडियो में कथित तौर पर उनके घर का पता उजागर किया गया था, उसे 2.1 मिलियन से अधिक बार देखा गया और 10 अगस्त को इसे दोबारा प्रकाशित किया गया।
याचिका के अनुसार, अय्यर-मित्रा ने 'लॉबीट' के एक कार्यक्रम में दास के पड़ोसी का नाम लेकर और किराए को गलत तरीके से लगभग 7 लाख रुपए प्रति माह बताते हुए सौरव दास का पता उजागर किया। सौरव दास ने कहा कि उन्होंने 5 अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और प्रतिवादियों को सुरक्षा जोखिमों के बारे में बताया, लेकिन कथित तौर पर जानकारी का खुलासा जारी रहा।
इसके बावजूद, प्रतिवादी सौरव दास के घर के पते की जानकारी प्रकाशित और प्रसारित करते रहे। बार-बार जानकारी के खुलासे और वादी को पहले मिली हिंसक धमकियों को देखते हुए, इस बात की आशंका है कि विरोधी तत्व उनके घर का पता लगाकर उनके परिवार के सदस्यों और घर में रहने वाले अन्य लोगों को डरा-धमका सकते हैं।