
मिर्जा गालिब स्ट्रीट अग्निकांड के बाद सख्ती। फोटो सोर्स-IANS
Mirza Ghalib Street Fire: कोलकाता के मिर्जा गालिब स्ट्रीट इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पश्चिम बंगाल प्रशासन ने आग से सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल अग्निशमन विभाग ने शुक्रवार को मध्य कोलकाता के भीड़भाड़ वाले मिर्जा गालिब स्ट्रीट और आसपास के 17 और होटलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन होटलों में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने का आरोप है।
अग्निशमन विभाग ने शुक्रवार को जिन 17 होटलों को नोटिस जारी किया है, उन्हें 24 घंटे के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित होटलों को बंद करने का आदेश दिया जा सकता है। इससे एक दिन पहले गुरुवार को भी इलाके के 9 अन्य होटल और गेस्ट हाउसों को नोटिस जारी किया गया था। इस तरह मिर्जा गालिब स्ट्रीट और आसपास के इलाकों में अब तक कुल 26 होटल और गेस्ट हाउस अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं।
प्रशासन की यह कार्रवाई मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात एक होटल में लगी भीषण आग के बाद शुरू हुई है। हादसे में कुल 9 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 7 बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। मृतकों में 6 पुरुष, 2 महिलाएं और एक बच्चा शामिल था। अधिकारियों के मुताबिक, ज्यादातर लोगों की मौत आग की लपटों से झुलसने के कारण नहीं, बल्कि धुएं के कारण दम घुटने से हुई।
हादसे के बाद पुलिस ने गुरुवार को 'शिखा इन' होटल के लीज धारक अबू जफर को गिरफ्तार किया था। उसे गुरुवार दोपहर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 2 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, अबू जफर ने बिरेश्वर मित्रा से यह होटल 40 हजार रुपये प्रतिमाह की लीज पर लिया था। होटल का कथित वास्तविक मालिक बिरेश्वर मित्रा अभी फरार बताया जा रहा है।
जिस पांच मंजिला इमारत में आग लगी थी, उसमें कई होटल और गेस्ट हाउस संचालित हो रहे थे। इसी इमारत की तीसरी मंजिल पर करीब 1100 वर्ग फुट क्षेत्र में 'शिखा इन' होटल चल रहा था। हादसे के बाद इमारत और आसपास संचालित अन्य होटलों में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। इसी के बाद प्रशासन ने इलाके के अन्य होटल और गेस्ट हाउसों की जांच तेज कर दी है।
अग्निकांड के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मिर्जा गालिब स्ट्रीट इलाके में संचालित सभी होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों का विशेष सुरक्षा ऑडिट कराने का ऐलान किया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
न्यू मार्केट पुलिस स्टेशन ने भी इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया है। हादसे की जांच पुलिस स्तर पर की जा रही है। वहीं, पश्चिम बंगाल अग्निशमन विभाग ने भी मामले में अलग से शिकायत दर्ज कराई है।
मिर्जा गालिब स्ट्रीट अग्निकांड को लेकर भाजपा ने तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया है कि यदि इन होटलों में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, तो उन्हें ट्रेड लाइसेंस कैसे जारी किए गए। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और नगर निगम मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने भी होटल और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मिर्जा गालिब स्ट्रीट अग्निकांड के बाद प्रशासन अब मध्य कोलकाता के भीड़भाड़ वाले इलाकों में संचालित होटल और गेस्ट हाउसों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रहा है। 26 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया जाना इसी अभियान का हिस्सा है। आने वाले दिनों में जांच के बाद अन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।
Updated on:
21 Aug 2026 04:15 pm
Published on:
21 Aug 2026 04:14 pm
