
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (Photo- ANI)
Abhijit Deepke on CJP workers attack : छत्रपति संभाजी नगर (महाराष्ट्र)। जयपुर के सांगानेर स्थित रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी स्कूल का जायजा लेने गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं पर हुए हमले और पथराव के बाद मामला अब अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है। दीपके ने इस पूरी घटना को लेकर राज्य सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि आशुतोष रांका और उनकी टीम पर हुआ यह हमला भाजपा के डर को दर्शाता है। वे इस बात से डरे हुए हैं कि अगर गरीब बच्चों के स्कूलों की स्थिति में सुधार हो गया, तो जनता उनकी सरकार की नाकामियों पर सवाल पूछने लगेगी। हमारी टीम वहां सिर्फ यह उजागर करने गई थी कि किस तरह एक सरकारी स्कूल तबेले से संचालित हो रहा है। लेकिन वहां हमारी टीम पर पथराव किया गया, वाहनों को तोड़ा गया और हमारे एक कार्यकर्ता को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
दीपके ने सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए आगे कहा कि जब सरकारी स्कूलों में पीने के पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव होता है, तब तो किसी को कोई चिंता नहीं होती। लेकिन जैसे ही कोई सरकार की नाकामियों की पोल खोलता है, उस पर जानलेवा हमला कर दिया जाता है। चाहे कितना भी दबाव बनाया जाए, हम गरीब बच्चों के बेहतर भविष्य और अच्छे स्कूलों की मांग को लेकर आवाज उठाते रहेंगे।
उधर, सीजेपी के आशुतोष रांका ने कहा कि मैं मीडिया से गुजारिश करता हूं कि आज की घटना के लिए ग्रामीणों को दोष न दें। ग्रामीणों ने तो खुद हमसे स्कूल का निरीक्षण करने का अनुरोध किया था। हिंसा भड़काने के लिए बाहर से लोगों को भेजा गया था। मुझे जानकारी मिली है कि स्थानीय भाजपा पार्षद मौके पर गुंडों को पैसे बांटता हुआ देखा गया था। यह पूरी हिंसा प्रायोजित थी।
जयपुर के सांगानेर इलाके के पास स्थित रामपुरा कंवरपुरा में एक सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों के बीच शुक्रवार को सुबह भारी हंगामा हो गया। सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और उनकी टीम के पूर्वनिर्धारित दौरे से ठीक पहले कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने स्कूल के भीतर सीजेपी कार्यकर्ताओं को प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया। बवाल तब और ज़्यादा बढ़ गया जब मौके पर आशुतोष रांका पहुंचे। ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके बाद रांका और उनके साथी कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
Updated on:
21 Aug 2026 02:34 pm
Published on:
21 Aug 2026 02:24 pm
