
Monsoon Advance: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बार फिर देश के कई राज्यों के लिए आंधी, बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं, उत्तराखंड, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ मौसम अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में आइए जानते हैं कि 29 जून से 2 जुलाई के बीच देश के विभिन्न राज्यों में मौसम कैसा रहने वाला है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग वैली और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इन इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, उत्तराखंड में 30 जून से 2 जुलाई के बीच गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश का पूर्वानुमान है।
पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में 29 जून से 2 जुलाई तक आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। यहां कुछ इलाकों में हवाओं की गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी 2 जुलाई तक इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। वहीं, पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली गिरने, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 और 2 जुलाई के बीच हल्की बारिश की संभावना जताई है। अगले चार दिनों तक राजधानी में दिन के समय धूप और बाद में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार तक दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक की संभावना है, हालांकि कुछ स्थानों पर गर्मी जैसे हालात बने रह सकते हैं। बिहार और झारखंड में मानसून के प्रभाव से कई जिलों में बारिश और आंधी-तूफान के आसार हैं। ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। उत्तराखंड में 30 जून से 2 जुलाई के बीच गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश होने की संभावना है।
IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले तीन से चार दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं।
उपग्रह से प्राप्त तस्वीरों में मध्य भारत, बंगाल की खाड़ी, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में घने मानसूनी बादल दिखाई दे रहे हैं। वहीं, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बड़े हिस्सों में अभी भी अपेक्षाकृत साफ मौसम बना हुआ है।
IMD के मुताबिक, मानसून धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रहा है, लेकिन व्यापक बारिश के लिए आवश्यक प्रमुख मौसमीय तंत्र अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं। बंगाल की खाड़ी में मजबूत निम्न दबाव प्रणाली के अभाव के कारण मानसून की गतिविधियों में फिलहाल कुछ ठहराव देखा जा रहा है।
हालांकि, पूर्वी हिंद महासागर में जल्द ही एक बड़ा उष्णकटिबंधीय मौसम तंत्र बनने और उसके बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके चलते जुलाई की शुरुआत में मानसून अधिक सक्रिय होकर देश के कई हिस्सों में भारी बारिश करा सकता है। वहीं, अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। मौसमीय तंत्रों के मजबूत होने और मानसून के उत्तर की ओर बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता भी बढ़ सकती है।