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‘आतंकवाद को सरकारी नीति बनाना छोड़ो’, कराची मामले पर भारत ने पाकिस्तान को लगाई कड़ी फटकार

कराची घटना को लेकर पाकिस्तान के आरोपों पर भारत ने कड़ा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है।
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भारत

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Rahul Yadav

Jun 28, 2026

Randhir Jaiswal

Randhir Jaiswal

India Pakistan News: कराची की हालिया घटना को लेकर पाकिस्तान की तरफ से भारत पर लगाए गए आरोपों को भारत सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपनी धरती पर मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए और आतंकवाद को राज्य की नीति के तौर पर इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति छोड़नी चाहिए।

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को हर आतंकी घटना के लिए दूसरे देशों को दोष देने के बजाय अपने भीतर झांकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की धरती पर सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता का रास्ता है। भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

पाकिस्तान ने भारत पर क्या आरोप लगाए?

कराची में पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के गुलिस्तान-ए-जौहर कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने दावा किया कि हमले के पीछे प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-अहरार का हाथ है, जिसे उसने 'भारतीय समर्थित' बताया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी आरोप लगाया कि भारत ऐसे संगठनों को समर्थन दे रहा है, जो पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं को अंजाम देते हैं। हालांकि, भारत ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

कराची में क्या हुआ था?

शनिवार देर रात कराची स्थित पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के गुलिस्तान-ए-जौहर कैंप पर हथियारबंद आतंकियों ने हमला कर दिया। ISPR के मुताबिक, आतंकियों ने पहले मुख्य प्रवेश द्वार पर विस्फोट किया और फिर परिसर में घुसने की कोशिश की। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में छह हमलावर मारे गए, जबकि एक घायल हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया। इस हमले में चार सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई और चार अन्य घायल हुए हैं। हमले के बाद पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया गया और स्थानीय लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी गई।

क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी बयानबाजी

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और उससे जुड़े संगठन अफगानिस्तान से संचालित हो रहे हैं। अब कराची हमले के बाद भारत पर लगाए गए आरोपों को नई दिल्ली ने सिरे से खारिज करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की नसीहत दी है।