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केतन हत्याकांड: 4 जून की वो अधूरी ट्रिप और किवाले ब्रिज से पिकअप, जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा

जांच में 4 जून की अधूरी लोहागढ़ ट्रिप, किवाले ब्रिज से सिया गोयल को पिक करने और घटना वाले दिन की टाइमलाइन से जुड़े नए तथ्य सामने आए हैं।
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भारत

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Rahul Yadav

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Updated: 28 Jun 2026, 6:36 PM IST

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केतन अग्रवाल और सिया गोयल।

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक और अहम जानकारी सामने आई है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, 18 जून की घटना से करीब दो सप्ताह पहले यानी 4 जून को भी मंगेतर सिया गोयल ने केतन अग्रवाल से लोहागढ़ किले चलने की जिद की थी। जब वह ट्रिप पूरी नहीं हो सकी तो सिया काफी नाराज हो गई थी। वहीं, घटना वाले दिन केतन ने घर से निकलकर सबसे पहले किवाले ब्रिज से सिया को अपनी कार में बैठाया और इसके बाद दोनों लोहागढ़ किले के लिए रवाना हुए।

4 जून की अधूरी ट्रिप क्यों बनी जांच का हिस्सा?

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 4 जून को लोहागढ़ किले की प्रस्तावित यात्रा पूरी नहीं हो सकी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस ट्रिप के रद्द होने के बाद सिया लगातार केतन पर दोबारा किले चलने का दबाव बना रही थी। सूत्रों के मुताबिक, इसी वजह से 4 जून की यह अधूरी ट्रिप भी अब जांच का हिस्सा बनी हुई है।

घटना वाले दिन किवाले ब्रिज से सिया को लिया था साथ

जांच में सामने आई टाइमलाइन के अनुसार, 18 जून की सुबह केतन अग्रवाल अपने घर से निकले और पुणे-मुंबई हाईवे स्थित किवाले ब्रिज से सिया गोयल को कार में बैठाया। इसके बाद दोनों लोहागढ़ किले पहुंचे। कुछ घंटों बाद सिया ने केतन की मां को फोन कर बताया कि केतन खाई में गिर गए हैं। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से केतन को बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मोबाइल इंटरनेट बंद रखने की भी जांच

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सह-आरोपी चेतन चौधरी ने घटना वाले दिन खुद की लोकेशन छिपाने के लिए कथित तौर पर करीब 10 घंटे तक मोबाइल इंटरनेट बंद रखा। यह भी दावा किया गया है कि उसने अपना मोबाइल फोन दुकान पर छोड़ दिया था और कर्मचारियों से आने वाली कॉल रिसीव करने को कहा था, ताकि वह अपनी मौजूदगी दुकान पर दिखा सके। सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय तक मोबाइल इंटरनेट बंद रहने, सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड की जांच के बाद जांच एजेंसियों को इस कथित रणनीति पर संदेह हुआ।

परिवार ने दुर्घटना की थ्योरी पर उठाए थे सवाल

एफआईआर के मुताबिक, 21 जून को केतन के पिता विशाल अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि जिस स्थान से केतन गिरे थे, वहां से सामान्य रूप से पैर फिसलकर गिरने की संभावना बेहद कम थी। इसके बाद परिवार ने सिया गोयल और चेतन चौधरी पर हत्या की आशंका जताई, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया।

जांच जारी, कई कड़ियां जोड़ रही पुलिस

पुलिस इस मामले में कॉल रिकॉर्ड, डिलीट किए गए चैट, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में दर्ज आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।