संसद के बजट सत्र को लेकर जारी अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सत्र खत्म नहीं होगा, बल्कि कुछ समय के लिए स्थगित रहेगा। सरकार जल्द विशेष सत्र बुलाकर महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा और निर्णय लेने की तैयारी में है।
Lok Sabha Session: संसद के मौजूदा सत्र को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। सरकार का कहना है कि इस महीने 3 दिनों के विशेष सत्र फिर से बुलाया जाएगा। 16 से 18 अप्रैल के बीच यह बैठक बुलाई जा सकती है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने स्थिति साफ कर दी है। कई दिनों से इस बात की अटकलें लगाई जा रही थी कि विशेष सत्र बुलाया जा सकता है। राज्यसभा में बोलते हुए रिजिजू ने कहा कि सत्र को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा रहा, बल्कि इसे कुछ समय के लिए स्थगित किया जाएगा। रिजिजू ने साफ शब्दों में कहा कि सांसदों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और दो-तीन हफ्तों के भीतर ही संसद फिर से बैठेगी। सरकार के पास कुछ अहम मुद्दे हैं, जिन पर जल्द चर्चा और फैसला जरूरी है।
दरअसल, यह मामला तब उठा जब गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 पर चर्चा शुरू करने के लिए खड़े हुए। इसी दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सदन की आगे की कार्यवाही को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने सभापति सी.पी. राधाकृष्णन के माध्यम से सरकार का रुख जानना चाहा कि क्या सत्र जारी रहेगा या इसे खत्म किया जाएगा? इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जवाब दिया था।
संसद के विशेष सत्र को लेकर विपक्ष विरोध कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि महिला आरक्षण से जुड़े संभावित संशोधन को लेकर सरकार राजनीतिक फायदा लेना चाहती है, खासकर उन राज्यों में जहां विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि इस तरह के महत्वपूर्ण फैसले चुनाव खत्म होने के बाद ही किए जाने चाहिए। कांग्रेस का सुझाव है कि संसद की अगली बैठक सभी राज्यों में विधानसभा चुनाव होने के नाद ही हो।
मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस विशेष सत्र के दौरान संविधान संशोधन विधेयक पेश किया जा सकता है। जिसके माध्यम से नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन संभव है। इस दौरान महिला आरक्षण कानून से जुड़े संविधान संशोधन पर चर्चा हो सकती है।