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Starlink India Row: एलन मस्क ने अंबानी को बताया भारत का बॉस तो भड़कीं सायोनी घोष, बोलीं- कोई ऐरा-गैरा हमें देश चलाना न सिखाए

Sayani Ghosh on Elon Musk: सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एलन मस्क को जवाब देते हुए सांसद सायनी घोष ने कहा कि भारत के लोग ही देश के असली मालिक हैं और कोई विदेशी व्यापारी यह तय नहीं कर सकता कि देश कैसे चलाया जाए।
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Oct 10, 2026
starlink india row
सांसद सायोनी घोष और एलन मस्क (फोटो- ANI)

Starlink India Row: भारत में एलन मस्क की सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस स्टारलिंक की एंट्री को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पश्चिम बंगाल के जादवपुर से सांसद सायोनी घोष ने मस्क के मुकेश अंबानी को "भारत का असली बॉस" कहने और व्यंग्यात्मक रूप से 'डियर प्राइम मिनिस्टर अंबानी' कहने पर पलटवार किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सायोनी घोष ने कहा कि भारत के नागरिक ही देश के असली बॉस हैं और 7,000 से 8,000 मील दूर बैठे किसी को भी यह बताने का हम नहीं है कि देश कैसे चलना चाहिए।

सायोनी घोष का एलन मस्क को जवाब

सोशल मीडिया पर एलन मस्क को सीधे टैग करते हुए सांसद सायोनी घोष ने लिखा, "सुनिए एलन मस्क, भारत के लोग ही इस देश के असली बॉस हैं। इस महान देश के नागरिक किसी चाचा चौधरी या 7,000-8,000 मील दूर बैठे किसी बाहरी व्यक्ति को यह बताने की इजाजत नहीं देंगे कि इस देश को कैसे चलाना है।"

सायोनी घोष ने कहा कि मस्क को अपना बिजनेस नेटवर्क बढ़ाने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्हें भारतीयों को नीचा दिखाकर या उनके बारे में अपमानजनक कमेंट करके हद पार नहीं करनी चाहिए। उन्होंने साफ-साफ कहा कि भारत और भारतीय पूरी तरह से आत्मनिर्भर हैं और मस्क या उनकी टेक्नोलॉजी के बिना भी आने वाली पीढ़ियों तक मजबूती से तरक्की कर सकते हैं।

महालया का जिक्र कर क्या बोलीं सायोनी?

सायोनी घोष ने कहा कि जहां तक ​​भारत के अंदरूनी मामलों और पॉलिसी का सवाल है, मिस्टर मस्क को बस दूर रहना चाहिए। अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने महालया का जिक्र करते हुए लिखा, "आज महालया है (इसे गूगल कर लीजिए)। आसान शब्दों में कहें तो, देवी दुर्गा ने अभी-अभी नाश्ते में कुछ असुरों का संहार किया है।"

एलन मस्क ने क्या लिखा?

सायोनी घोष की प्रतिक्रिया से पहले एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर मुकेश अंबानी को संबोधित करते हुए एक संदेश पोस्ट किया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा, "प्रिय प्रधानमंत्री अंबानी, कृपया मेरी माफी स्वीकार करें कि मुझे यह एहसास नहीं हुआ कि आप भारत के असली बॉस हैं। जाहीर है कि आप भारत के महान लोगों का अपना एकाधिकारवादी शोषण जारी रखना चाहेंगे, लेकिन क्या आप अभी भी स्टारलिंक को निष्पक्ष रूप से प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने पर विचार करेंगे?"

अपने पोस्ट में मस्क ने तर्क दिया कि अन्य देशों की तरह भारत में भी कई दूरदराज, ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र हैं जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी का अभाव है, जिससे बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं और छोटे व्यवसाय वैश्विक बाजार से कट जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि स्टारलिंक ऐसे वंचित समुदायों के जीवन को बदल सकता है और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जब पारंपरिक नेटवर्क काम नहीं करते हैं, तब सैटेलाइट कनेक्टिविटी अनगिनत लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण साबित होती है।

कहां से शुरू हुआ विवाद?

स्टारलिंक विवाद तब शुरू हुआ जब मस्क ने भारत में स्टारलिंक को लॉन्च करने में हो रही देरी पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि स्टारलिंक को 165 से ज़्यादा देशों में लाइसेंस मिल चुके हैं और वह पिछले पांच सालों से भारत सरकार की कानूनी और रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रही है। सेवाएं शुरू करने के लिए अंतिम मंजूरी न मिलने से परेशान होकर मस्क ने सवाल किया था कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं। मस्क ने पहले आरोप लगाया था कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी लोग मौजूदा बाज़ार पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए स्टारलिंक की भारत में एंट्री को रोक रहे हैं।

इन आरोपों पर केंद्र सरकार ने क्या कहा है?

भारत में स्टारलिंक के लॉन्च को लेकर मस्क के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए रेगुलेटरी ढांचा निष्पक्ष और बिना भेदभाव वाला है। सरकार के अनुसार, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए लाइसेंस पाने वाली कंपनियों को तय सुरक्षा शर्तों को पूरा करना होगा। तभी स्पेक्ट्रम आवंटन और कमर्शियल सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

Updated on:
10 Oct 2026 10:06 am
Published on:
10 Oct 2026 10:04 am
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