राष्ट्रीय

होर्मुज में हाई अलर्ट: फारस की खाड़ी में फंसे 20 भारतीय जहाज और 540 नाविक, क्या सुरक्षित लौट पाएंगे स्वदेश?

Strait of Hormuz Crisis: भारत सरकार ने शनिवार को बताया कि पश्चिमी फ़ारसी खाड़ी क्षेत्र में भारतीय झंडे वाले 20 जहाज और 540 भारतीय नाविक मौजूद हैं और उन पर लगातार नजर रखी जा रही है।
2 min read
Mar 28, 2026
Strait of Hormuz Crisis
Strait of Hormuz Crisis

Strait of Hormuz Crisis: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बाद मिडिल ईस्ट में भारी तनाव है। इस जंग के चलते होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया। हालांकि ईरान अपने मित्र राष्ट्र के जहाजों को नहीं रोक रहा है। भारत के दो और जहाज होर्मुज से गुजर रहे हैं। इसी बीच सरकार ने शनिवार को बताया कि पश्चिमी फ़ारसी खाड़ी क्षेत्र में भारतीय झंडे वाले 20 जहाज और 540 भारतीय नाविक मौजूद हैं और उन पर लगातार नजर रखी जा रही है।

भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित

बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्रालय ने इस क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। मंत्रालय ने कहा, 'इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, पिछले 24 घंटों में भारतीय झंडे वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।' शिपिंग महानिदेशालय (DG Shipping) जहाज मालिकों, RPSL एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के साथ मिलकर इन पर लगातार नजर रख रहा है।

अब तक 938 भारतीय नाविकों की हुई वतन वापसी

DG Shipping ने अब तक 938 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित वतन वापसी में मदद की है, जिनमें से 25 नाविक पिछले 24 घंटों में वापस लौटे हैं। इसके अलावा, पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है और कहीं भी भीड़भाड़ नहीं है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के राज्य समुद्री बोर्डों ने कामकाज के सुचारू रूप से चलने की पुष्टि की है।

जंग के बाद 4,97,000 यात्री लौटे भारत

मंत्रालय ने कहा कि नाविकों के कल्याण और कामकाज में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ तालमेल लगातार बना हुआ है। 28 फरवरी से अब तक, युद्ध से प्रभावित क्षेत्र से लगभग 4,97,000 यात्री भारत लौट चुके हैं।

भारतीय समुदाय की सुरक्षा प्राथमिकता

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 'भारतीय दूतावास और मिशन भारतीय समुदाय के संपर्क में हैं और उनकी सुरक्षा तथा भलाई के लिए जरूरी सलाह जारी करने के साथ-साथ उन्हें लगातार मदद पहुंचा रहे हैं।' मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार बारीकी से नज़र रखे हुए है, और भारतीय समुदाय की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

Updated on:
28 Mar 2026 06:51 pm
Published on:
28 Mar 2026 06:51 pm