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ट्रंप के ‘धरती पर नरक’ वाले पोस्ट पर आ गया भारत का बयान, क्या इससे भारत-अमेरिका के रिश्तों पर पड़ेगा असर?

होर्मुज स्ट्रेट में फायरिंग की घटना के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। विदेशी जहाजों पर हुए हमले को लेकर अफवाहों को खारिज किया गया और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान से लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
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Updated: 23 Apr 2026, 5:49 PM IST
randhir jaiswal
Randhir Jaiswal-(Spokeperson of MEA)

Strait of Hormuz: अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर रोजाना नए अपडेट सामने आ रहे हैं। हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों पर हमला हुआ था। जिसके बाद पूरी दुनिया में हलचल मच गई। जिसके बाद भारत सरकार ने भी इस पर अपना रुख साफ किया। भारत सरकार ने स्थिति को लेकर साफ और संतुलित रुख अपनाया है। सरकार का कहना है कि जिन दो जहाजों पर हमला हुआ, वे भारतीय नहीं बल्कि विदेशी थे। राहत की बात यह है कि उन जहाजों पर मौजूद सभी भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि भारत लगातार ईरान के संपर्क में है ताकि इस संवेदनशील इलाके से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन जहाजों पर फायरिंग हुई, वे भारत से जुड़े नहीं थे, हालांकि उनके क्रू में कुछ भारतीय जरूर शामिल थे।

ट्रंप के पोस्ट पर क्या कहा?


इसी दौरान एक और मुद्दा चर्चा में आ गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शेयर किए गए एक पोस्ट में भारत और चीन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने ज्यादा विस्तार में जाने से बचते हुए सिर्फ इतना कहा कि उन्होंने इस तरह की कुछ खबरें देखी हैं। आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें भारत को तथाकथित 'धरती पर नरक' कहा गया था। हालांकि अभी भारत की स्थिति साफ़ नहीं हुई है, लेकिन अगर ऐसा कुछ सही तौर पर निकलता है तो इसका असर भारत और अमेरिका की रिश्तों पर नकारात्मक तौर पर पड़ सकता है।

जानें अन्य डिटेल्स


वहीं, सोशल मीडिया पर चल रही एक और खबर को सरकार ने सख्ती से खारिज कर दिया है। दावा किया जा रहा था कि ‘सनमार हेराल्ड’ नाम के एक भारतीय झंडे वाले तेल टैंकर के कप्तान ने सुरक्षित रास्ता पाने के लिए कुछ लोगों को पैसे दिए थे, वो भी क्रिप्टोकरेंसी के जरिए। लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जहाजरानी मंत्रालय ने इसे पूरी तरह झूठ बताया है। मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने साफ कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद भी किसी भारतीय जहाज ने किसी तरह का भुगतान नहीं किया है। सरकार का कहना है कि सभी जहाज अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत और पूरी सुरक्षा के साथ अपनी यात्रा कर रहे हैं।

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23 Apr 2026, 5:49 PM IST
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