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राहुल गांधी और गांधी परिवार के विदेश संबंधों पर सुधांशु त्रिवेदी ने उठाए सवाल, सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी सियासी तकरार

राहुल गांधी के पीएम मोदी पर विदेशी मदद के आरोप के बाद सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार किया। बीजेपी नेता ने गांधी परिवार और कांग्रेस से जुड़े कई पुराने विवादों का जिक्र किया।
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Updated: 2 Nov 2026, 10:44 PM IST
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बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी(फोटो-IANS)

Sudhanshu Trivedi Statement: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी मदद के सहारे सत्ता में आने और बने रहने का आरोप लगाने वाले राहुल गांधी को बीजेपी ने जवाब दिया है। बीजेपी सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उनके और गांधी परिवार के विदेशों से कथित संबंधों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति में विदेशी नैरेटिव की भूमिका को लेकर भी जवाब मांगा।

सुधांशु त्रिवेदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि राहुल गांधी और उनके परिवार की विदेश यात्राओं और विदेशी संस्थानों से संबंधों पर जितनी कम चर्चा की जाए, उतना अच्छा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की बात करने से पहले राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि उनकी पार्टी हर मुद्दे पर विदेशी मदद और विदेशी नैरेटिव का सहारा क्यों लेती है।

सुधांशु त्रिवेदी ने गिनाए कई पुराने विवाद


सुधांशु त्रिवेदी ने अपने पोस्ट में कांग्रेस और गांधी परिवार को कई पुराने राजनीतिक और कारोबारी विवादों से जोड़ते हुए सवाल उठाए। उन्होंने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी में यूनियन कार्बाइड के तत्कालीन प्रमुख वॉरेन एंडरसन को भारत से बाहर जाने देने, बोफोर्स सौदे, हॉवित्जर तोपों और वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे का जिक्र किया।

उन्होंने हिंडनबर्ग रिपोर्ट, विदेशी मीडिया संस्थानों की खबरों और ओटावियो क्वात्रोची, क्रिश्चियन मिशेल तथा गुइडो हाश्के जैसे नामों का भी जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने वोल्कर रिपोर्ट में इराक के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन से जुड़ी कथित भुगतान व्यवस्था का मुद्दा उठाया और कहा कि इस विवाद के कारण तत्कालीन विदेश मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था।

विकिलीक्स, चीन और ऑपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र


बीजेपी नेता ने अपने पोस्ट में विकिलीक्स के एक कथित खुलासे का हवाला देते हुए राहुल गांधी पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी राजदूत के साथ भारत की सुरक्षा पर बातचीत के दौरान हिंदुत्व की तुलना लश्कर-ए-तैयबा से अधिक खतरनाक बताने वाली टिप्पणी राहुल गांधी के नाम से सामने आई थी। त्रिवेदी ने कहा कि इस कथित टिप्पणी का अब तक खंडन नहीं किया गया है।

उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ कांग्रेस के समझौते, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी मीडिया में कांग्रेस को मिली कथित तारीफ, विदेशी कंपनी बैकऑप्स में डायरेक्टर पद और राहुल गांधी की कथित विदेशी नागरिकता से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया। त्रिवेदी ने सवाल किया कि कांग्रेस की राजनीति भारत के हितों के लिए है या विदेशी नैरेटिव के सहारे अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए। उनके ये सभी सवाल और आरोप सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए हैं।

विदेशी मदद के आरोप पर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी


दरअसल, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी मदद के सहारे सत्ता में आने और पद पर बने रहने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि देश की वित्तीय व्यवस्था विदेशियों के नियंत्रण और समर्थन पर निर्भर है और विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी प्रधानमंत्री का समर्थन करते हैं।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर किसी भी मंच पर खुली बहस की चुनौती दी थी। उनका यह बयान प्रधानमंत्री मोदी की उस टिप्पणी के बाद आया था, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर विदेशी ताकतों के समर्थन से देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया था।

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2 Nov 2026, 10:44 PM IST
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