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सुखबीर बादल के BJP से बढ़ती नजदीकियों की सबसे बड़ी वजह क्या है? सर्वे कराया, समर्थकों की राय और PM मोदी से मुलाकात

Punjab Politics: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन की कवायद तेज हो गई है। आंतरिक सर्वे में कमजोर होती स्थिति के संकेत मिलने के बाद सुखबीर बादल ने PM मोदी से मुलाकात कर सियासी समीकरण साधने की कोशिश की है।
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Aug 08, 2026
Punjab Assembly Election 2027
पीएम मोदी और शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर सिंह बादल। (Photo Credit- ANI)

नई दिल्ली। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सियासत में आने वाले दिनों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच एक बार फिर पुराने रिश्तों को बहाल करने की पर्दे के पीछे कवायद शुरू हो चुकी है। इसी कड़ी में अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की।

आंतरिक सर्वे ने बढ़ाई अकाली दल की चिंता

मीडिया रिपोर्ट्स ने सूत्रों के मुताबिक बताया कि सुखबीर बादल की ओर से 'पंजाब बचाओ रैलियों' के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच कराए गए एक आंतरिक सर्वे ने इस नए गठबंधन की जमीन तैयार की है। सर्वे में यह साफ हुआ कि अगर अकाली दल को पंजाब की सत्ता में वापसी करनी है, तो भाजपा के साथ हाथ मिलाना होगा। अकेले चुनाव मैदान में उतरकर जीत दर्ज करना बेहद कठिन नजर आ रहा है। सर्वे में यह भी सामने आया कि पंथक वोट बैंक का खिसकना भी अकाली दल के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सांसद अमृतपाल की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) का आधार जितनी तेजी से ग्रामीण व पंथक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है और उतनी ही तेजी से शिअद का पारंपरिक वोट बैंक छिटक रहा है।

हरियाणा के सीएम बने मध्यस्थ, ऐसे बनी बात

पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर अकाली दल के नेताओं ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से संपर्क साधा। सीएम सैनी ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद मध्यस्थ की भूमिका निभाई। हाल ही में चंडीगढ़ स्थित सैनी के सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय गुप्त बैठक हुई, जिसमें सुखबीर बादल, बलविंदर सिंह भूंदड़ और डॉ. दलजीत सिंह चीमा शामिल हुए। लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में गठबंधन की संभावनाओं के साथ-साथ कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी बैठक के बाद सीएम सैनी ने प्रधानमंत्री कार्यालय से सुखबीर की मुलाकात का समय मांगा था।

गुरुवार रात आया पीएमओ से बुलावा

अकाली दल के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, सहमति बनने के बाद गुरुवार देर रात लगभग 11 बजे सुखबीर बादल को सीधे पीएमओ से फोन आया और उन्हें शुक्रवार को दिल्ली बुलाया गया। जिसके बाद सुखबीर बादल और पीएम मोदी के बीच बंद कमरे में अहम बातचीत हुई। सियासी जानकारों का मानना है कि यदि यह गठबंधन सिरे चढ़ता है, तो पंजाब में न केवल अकाली दल को संजीवनी मिलेगी, बल्कि भाजपा को भी सिख बहुल ग्रामीण इलाकों में अपनी पैठ दोबारा मजबूत करने का मौका मिलेगा।

Updated on:
08 Aug 2026 12:08 pm
Published on:
08 Aug 2026 12:08 pm