हरभजन सिंह के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद केवल कानून बनाने की जगह नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था है, जहां हर जनप्रतिनिधि को सीखने और देशहित में सकारात्मक योगदान देने का अवसर मिलता है। उन्होंने सांसदों को सलाह दी कि सदन की कार्यवाही को गंभीरता से समझें और जब भी बोलें, संसदीय नियमों और मर्यादा का पूरा सम्मान करें।