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नीट पेपर लीक मामला: सीबीआई चार्जशीट में हुए कई अहम खुलासे, निगरानी की कमी बनी पेपर लीक की वजह

NEET paper Leak Case: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की चार्जशीट में बड़ा खुलासा हुआ है। एनटीए के तीन विशेषज्ञों ने गोपनीय सेक्शन से प्रश्नपत्र बाहर निकाले, जहां तलाशी और सीसीटीवी निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
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भारत

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kamlesh sharma

Aug 07, 2026

NEET paper Leak Case

NEET paper Leak Case: Shivraj Motegaonkar And Manisha Mandhare (File Photo IANS)

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कई अहम खुलासे किए हैं। सीबीआई के मुताबिक, दिल्ली स्थित राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) कार्यालय में तीन विषय विशेषज्ञों ने नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र अलग-अलग तरीकों से बाहर निकाले। एजेंसी ने कहा कि आरोपी ऐसा इसलिए कर पाए क्योंकि गोपनीय अनुभाग से निकलते समय उनकी तलाशी नहीं ली गई थी।

तलाशी और सीसीटीवी निगरानी की नहीं थी व्यवस्था

सीबीआई ने कहा कि एनटीए में गोपनीय अनुभाग में प्रवेश, निकास के दौरान विशेषज्ञों की जांच और तलाशी की कोई प्रथा नहीं थी। एनटीए में डेडीकेटेड सीसीटीवी लाइव फीड निगरानी नियंत्रण कक्ष नहीं था, जिसके परिणामस्वरूप गोपनीय हॉल में विशेषज्ञों की गतिविधियों पर किसी का ध्यान नहीं गया। सीबीआई ने आरोपपत्र में कहा कि एक आरोपी ने प्रश्नों को कागज की पर्चियों पर लिखा और फिर उन्हें छिपा दिया, जबकि दो अन्य आरोपियों ने प्रश्नों को याद किया, अपने होटल के कमरों में लौटकर या तो उन्हें लिख दिया या एनसीईआरटीआर पाठ्यपुस्तकों में संबंधित आर्टिकल को मार्क किया।

20-25 दिन का ही बैकअप

सीबीआई जांच में पाया गया कि एनटीए कार्यालय की पहली मंजिल पर स्थित एक विंग में भी सीसीटीवी लाइव फीड निगरानी नियंत्रण कक्ष नहीं था। सीबीआई ने कहा कि जांच से पता चला है कि एनटीए कार्यालय एनएसआसी भवन, ओखला में पहली मंजिल और पांचवीं मंजिल पर स्थित है। गोपनीय अनुभाग पहली मंजिल के एक पूरे विंग पर काम करता है। एनटीए में सीसीटीवी निगरानी के संबंध में केवल 20-25 दिनों का बैकअप पाया गया।

सीबीआई ने कहा कि चूंकि नीट यूजी 2026 परीक्षा से संबंधित गोपनीय अनुभाग का कार्य 7 अप्रेल 2026 को पूरा हो गया था और यह मामला 12 मई 2026 को दर्ज किया गया था, इसलिए जांच के उद्देश्य से प्रासंगिक अवधि का कोई सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं था। सीबीआई ने कहा कि जांच से पता चला है कि आरोपी मनीषा संजय हवलदार दिन के काम के अंत में दिल्ली में अपने आवास पर लौटने के बाद प्रश्नों को संक्षेप में नोट करती थी। सीबीआई ने आरोपपत्र में कहा कि जांच से पता चला है कि विशेषज्ञों को अनुवाद, पुनःअनुवाद के दौरान रफ कार्य के लिए गोपनीय अनुभाग के अंदर सादे कागज की शीट उपलब्ध कराई गई थीं। आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने इन शीटों का उपयोग करके रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्नों और उत्तर विकल्पों को संक्षेप में नोट किया।

फोटोकॉपी के जरिए फैली सामग्री

सीबीआई ने कहा कि जांच से पता चला है कि बायोलॉजी (बॉटनी और जूलॉजी) डॉक्यूमेंट तेजस दभाड़े ने 20 अप्रेल और 21 अप्रेल 2026 को स्नेहांजलि देशमुख और दीया शिंदे के नोट्स की फोटोकॉपी से टाइप किया था, जो मनीषा संजय वाघमारे ने धनंजय लोखंडे के जरिए सत्यजीत सोलंकी और तेजस दभाड़े को दिए थे। सीबीआई ने कहा कि नीट यूजी 2026 परीक्षा के लीक हुए फिजिक्स के सवालों वाले दो डॉक्यूमेंट हैं। उनमें से एक आरोपी मनीषा संजय हवलदार की कथित हैंडराइटिंग में है और इसमें 9 पेज में 68 सवाल हैं। उसने इसे 25 अप्रेल 2026 को सह-आरोपी मनीषा मंधारे को व्हाट्सएप पर भेजा था। आरोपी मनीषा संजय हवलदार ने 14 अप्रेल 2026 को आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को वही सवाल दिए थे।

देशभर में छापेमारी, 42 डिजिटल डिवाइस जब्त

सीबीआई ने कहा कि केमिस्ट्री पेपर लीक के बारे में जांच से पता चला है कि डॉक्यूमेंट्स साक्षी धूमल की हैंडराइटिंग में हैं, वह उन कैंडिडेट्स में से एक है जिन्होंने पुणे में आरोपी पीवी कुलकर्णी के घर पर क्लास अटेंड की थी। आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने वही डॉक्यूमेंट अपने बेटे आदित्य के ज़रिए पीवी कुलकर्णी से लिए थे। जांच के दौरान पूरे भारत में यानी राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में कई जगह तलाशी ली गई है। लीक हुए सवालों की फिजिकल कॉपी और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं। 42 डिवाइस और मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल के वॉयस सैंपल भी लिए गए हैं।

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