
Sukhjinder Singh Randhawa: अमेरिका की जांच एजेंसी FBI द्वारा पंजाब पुलिस के एक इंस्पेक्टर का नाम एक इंटरनेशनल रंगदारी रैकेट में आने के बाद पंजाब का सियासी माहौल गरमा गया है। इस मामले पर पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक इंस्पेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्दे के पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है और अगर बॉर्डर रेंज में तैनात रहे सभी पुलिस अधिकारियों की निष्पक्ष जांच की जाए, तो एक बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। रंधावा ने आरोप लगाया कि पंजाब में गैंगस्टर्स और पुलिस के इस गठजोड़ को लेकर FBI ने जो भी खुलासे किए हैं, उसकी पूरी हकीकत से पंजाब सरकार अच्छी तरह वाकिफ है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक पुलिस इंस्पेक्टर तक सीमित नहीं है। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, पंजाब में गैंगस्टरों से जुड़े जिन तथ्यों का खुलासा एफबीआई ने किया है, उनकी पूरी जानकारी भगवंत मान सरकार को है और यदि बॉर्डर रेंज में तैनात रहे अधिकारियों की जांच की जाए तो एक बहुत बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।
रंधावा ने आरोप लगाया कि जेलों के भीतर से गैंगस्टरों द्वारा अपने नेटवर्क संचालित किए जा रहे है, यह बात बेहद शर्मनाक है और इससे न केवल पंजाब सरकार बल्कि केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं। इस पूरे घटनाक्रम से देश की छवि को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
इस बीच, पंजाब के होशियारपुर में सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद टांडा के एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागर को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस मामले की जांच जालंधर के एसपी को सौंपी गई है। एसएसपी ने कहा कि मामले की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल एहतियात के तौर पर पुलिस अधिकारी को लाइन हाजिर किया गया है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मिली जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एफबीआई की तरफ से कुछ आरोप लगाए जाने का दावा किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका में एक परिवार से कथित तौर पर जबरन वसूली और बड़ी रकम मांगने से संबंधित आरोपों का जिक्र है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और जानकारी के आधार पर सामने आया है। अभी तक केंद्र सरकार या पंजाब सरकार की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि या स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है।