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जम्मू कश्मीर के LoP सुनील शर्मा का उमर अब्दुल्ला पर निशाना, कहा – कश्मीर को 70 साल पीछे नहीं ले जा सकते

Article 370: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) सुनील शर्मा ने कहा कि कश्मीर अब भारत का अभिन्न अंग है और इसे 70-80 साल पीछे नहीं ले जाया जा सकता। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर अपनी 'फ्लॉप' टीम को संभालने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।
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Sep 29, 2026
Jammu Kashmir Politics
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा (फोटो सोर्स- ANI)

Jammu Kashmir Politics: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधा है। उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव पारित किया था। इस पर BJP के नेताओं ने इसका विरोध किया। LoP सुनील शर्मा का कहना है कि हम कश्मीर को 70 या 80 साल पीछे नहीं ले जा सकते। भारत का संविधान धर्मनिरपेक्षता पर आधारित है। सुनील का कहना है कि इस प्रस्ताव में 1953 से पहले की स्थिति और अनुच्छेद 370 से जुड़े दो पुराने प्रस्तावों की झलक मिलती है, जो दोनों ही 'मुस्लिम उप-राष्ट्रवाद' को बढ़ावा देते हैं।

सुनील शर्मा ने क्या कहा?

सुनील ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को 70-80 साल पीछे नहीं ले जाया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान धर्मनिरपेक्षता पर आधारित है और धर्मनिरपेक्षता संविधान के मूल ढांचे का हिस्सा है। उनके मुताबिक 1953 से पहले की स्थिति की मांग, अलग संविधान, अलग झंडे और अलग राष्ट्राध्यक्ष की मांग इस मूल ढांचे के खिलाफ है।

सिर्फ राज्य के दर्जे का समर्थन

सुनील ने कहा कि बीजेपी राज्य का दर्जा बहाल करने का समर्थन करती है और अगर प्रस्ताव में केवल राज्य के दर्जे की बात हो तो पार्टी इसका समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि 1953 से पहले की स्थिति और स्वायत्तता को इसमें शामिल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इसे संविधान और कानून के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि इसमे 2000 के उस प्रस्ताव का संदर्भ है, जिसे तत्कालीन नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने पारित किया था। इस प्रस्ताव में 1953 से पहले की स्थिति की मांग से जुड़ी बातें थी।

जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा

सुनील ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और बीजेपी विधानसभा को पाकिस्तान के एजेंडे के लिए मंच नहीं बनने देगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर को धर्म के आधार पर विशेष दर्जा नहीं दिया जा सकता। उनके अनुसार कश्मीर में अलग-अलग जातियां और धर्म रहते हैं।

मुख्यमंत्री के गुट को लेकर टिप्पणी

सुनील ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर अपने समूह को एकजुट रखने में विफल रहने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने 'फ्लॉप' गुट को एकजुट रखने की कोशिश की थी। इसके लिए उन्होंने वेतन वृद्धि करने की कोशिश की थी। लेकिन ऐसा करने में वे नाकाम रहे।

Updated on:
29 Sept 2026 06:11 pm
Published on:
29 Sept 2026 05:46 pm
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