
Flight Ticket Price: फ्लाइट की टिकट की कीमतें अब आसमान छू रही हैं। इसके अलावा, लोगों से अतिरिक्त शुल्क (एंकिलरी चार्ज) अलग से वसूले जा रहे हैं। ऐसे में एयरलाइंस की मनमानी पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई।
शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को झटका देते हुए कहा कि दो हफ्ते के अंदर नए एविएशन कानून के नियम उसके सामने पेश किए जाएं। कोर्ट ने साफ कहा कि नियम सील्ड कवर में रखे जाएं, भले ही उन्हें संसद में अभी पेश न किया गया हो।
सुप्रीम कोर्ट में सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन की ओर से याचिका दर्ज किया गया है। उन्होंने हवाई किराए के लिए मजबूत और स्वतंत्र नियामक संस्था बनाने की मांग की है।
उन्होंने कोर्ट में याचिका के माध्यम से बताया कि प्राइवेट एयरलाइंस हवाई किराए में अनिश्चित उतार-चढ़ाव कर रही हैं, जिससे आम यात्री परेशान हैं।
याचिका में पारदर्शिता, पैसेंजर अधिकारों की रक्षा और मनमाने शुल्क पर अंकुश लगाने के लिए सख्त गाइडलाइंस बनाने की अपील की गई है।
कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र से जवाब मांगा। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि भारतीय वायुयान अधिनियम 2024 के तहत बने नियम बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये नियम एविएशन सेक्टर को आधुनिक बनाने के लिए लाए गए हैं, लेकिन इनके अमल पर अब कोर्ट नजर रख रहा है।
भारत में हवाई किराए को लेकर पैसेंजर्स की शिकायतें भी बढ़ रही हैं। कई बार त्योहारों या छुट्टियों में टिकट की कीमतें दोगुनी-तिगुनी हो जाती हैं।
एयरलाइंस अतिरिक्त सामान, सीट चॉइस या खाने-पीने के लिए अलग से पैसे वसूलती हैं। यात्रियों की शिकायत होती है कि टिकट बुकिंग के समय सस्ता दिखता है, लेकिन अंत में कुल राशि बहुत ज्यादा हो जाती है।
केंद्र सरकार को अब दो हफ्ते के अंदर नए नियम के बारे में बताना होगा। अगर नियम पहले ही संसद में रखे जा चुके हैं, तब भी कोर्ट उन्हें देखना चाहता है। यह फैसला आम यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद जगाता है।