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पूर्व सीएम पिनाराई विजयन को सता रहा गिरफ्तारी का डर, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर तुरंत सुनवाई से किया इनकार

Pinarayi Vijayan: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई के लिए खारिज कर दी है।
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Oct 16, 2026
Pinarayi Vijayan News
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (फोटो-ANI)

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (Pinarayi Vijayan) की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। यह याचिका उन पर लगे 278 करोड़ रुपये के CMRL-एक्सलॉजिक मामले से जुड़ी है। इससे पहले उन्हें केरल हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी। सुप्रीम कोर्ट में विजयन ने CMRL-एक्सलॉजिक मामले की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी। ऐसे में अब विजयन को गिरफ्तारी का डर है।

ED ने भी भेजा नोटिस

सुप्रीम कोर्ट में तत्काल सुनवाई न होने के अलावा भी पिनाराई विजयन को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पेश होने का को नोटिस जारी किया है। उन्हें 23 अक्टूबर को केरल के ईडी कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। ईडी के मुताबिक यह नोटिस 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए) के तहत जारी किया गया है।

पिनाराई विजयन को सता रहा डर

इससे पहले 9 अक्टूबर को केरल हाई कोर्ट द्वारा CMRL-एक्सलॉजिक मामले में पिनाराई विजयन उनकी बेटी वीना और दामाद मोहम्मद रियास के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। हाई कोर्ट के इस निर्देश के बाद पिनाराई ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है। लेकिन वहां उनके इस मामले की तत्काल सुनवाई नहीं की गई।

वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि 82 साल के पिनराई विजयन को गिरफ्तारी का सामना करना पड़ सकता है। इस पर CJI सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले को पीठ की उपलब्धता के आधार पर या 26 अक्टूबर को सूचीबद्ध किया जा सकता है। ऐसे में विजयन की गिरफ्तारी का डर है।

CMRL-एक्सलॉजिक विवाद क्या है?

यह पूरा मामला रिश्वत और फर्जी भुगतान का है। 2017 से 2020 के बीच, जब पिनाराई विजयन केरल के मुख्यमंत्री थे, एक कंपनी CMRL ने पिनाराई की बेटी वीना की IT कंपनी एक्जालॉजिक सॉल्यूशंस को लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये दिए। कंपनी का कहना था कि हमने सॉफ्टवेयर और कंसल्टेंसी के लिए पैसे दिए हैं। इस पर ईडी और अन्य जांच एजेंसियों का कहना है कि कोई असली काम हुआ ही नहीं। सिर्फ कागजों पर लेन-देन दिखाया गया। असल में यह पैसे रिश्वत के रूप में दिए गए थे, जो पिनाराई विजयन तक पहुंचे। इस मामले में पिनाराई विजयन, उनकी बेटी और दामाद शामिल हैं।

Updated on:
16 Oct 2026 03:07 pm
Published on:
16 Oct 2026 02:36 pm