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SIR विवाद पर प्रशांत किशोर का बड़ा बयान, बोले- 10 साल से भाजपा का साथ दे रहा है चुनाव आयोग

Prashant Kishor SIR controversy: प्रशांत किशोर ने बड़ा बयान दिया है। SIR विवाद पर उन्होंने कहा- पिछले 10 साल से चुनाव आयोग भाजपा का साथ दे रहा है।
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पटना

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Mukul Kumar

•

Oct 16, 2026

Prashant Kishor SIR statement

जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर (फोटो-IANS)

जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बिहार में चुनाव आयोग और भाजपा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जमुई में मीडिया से बात करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर पिछले कई सालों से सवाल उठ रहे हैं। कोई एक व्यक्ति चुनाव आयोग को नहीं घेर रहा है, विभिन्न दल और कई लोग इलेक्शन कमीशन के काम करने के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं।

दस साल से उठ रहे गंभीर सवाल

प्रशांत किशोर ने खुलकर कहा कि चुनाव आयोग लगभग हर स्तर पर सत्तारूढ़ दल यानी भाजपा का साथ देता दिख रहा है। किशोर ने कहा- ये सिर्फ ज्ञानेश कुमार की बात नहीं है। पिछले आठ से दस साल से चुनाव आयोग और उसके कामकाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ये सवाल बेबुनियाद नहीं हैं।

'कई जगह पक्षपात नजर आता है'

प्रशांत किशोर ने विस्तार से समझाया कि पिछले कई कुछ सालों से चुनाव कैसे आयोजित होते आ रहे हैं, उसमें कई जगह पक्षपात नजर आता है। उन्होंने कहा- फॉर्म 6 और फॉर्म 7 के जरिए नए वोटर जोड़ने का काम हो, एसआईआर के नाम पर मतदाता का नाम काटने का मामला हो, चुनाव की तारीख और कार्यक्रम तय करने का तरीका हो, आदर्श आचार संहिता लागू करने का तरीका हो या चुनाव पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, हर जगह एक ही तस्वीर दिखती है।

पारदर्शिता की कमी सबसे बड़ा मुद्दा

किशोर ने आगे कहा- अब ऐसा लगता है जैसे आयोग एकतरफा तरीके से सत्ताधारी पार्टी को फायदा पहुंचा रहा हो। वोटर सूची बनाने और सुधारने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है। एसआईआर को लेकर भी लोगों में नाराजगी है क्योंकि कई नाम गायब होने की शिकायतें आ रही हैं।

प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग उठ रही है, लेकिन समस्या इससे बड़ी है। पिछले कई सालों में आयोग के काम करने के तरीके ने लोगों के मन में शक पैदा कर दिया है। चुनाव की तारीख तय करने से लेकर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू करने तक, सब कुछ एक तरफ झुका हुआ लगता है।

पूरी व्यवस्था में सुधार की जरूरत

किशोर ने कहा कि देश के आम लोग चाहते हैं कि चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बने। सिर्फ एक अधिकारी के बदलने से भरोसा नहीं लौटेगा। पूरी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।

किशोर ने जोर देकर कहा कि उनका और देश की जनता की मांग एक ही है, चुनावी प्रक्रिया में विश्वसनीय सुधार लाया जाए। हर नागरिक लोकतंत्र को मजबूत देखना चाहता है। जब तक ये सुधार नहीं होते, तब तक लोग चुनावों को लेकर संदेह करते रहेंगे।

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