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Supreme Court ने सुरक्षित फैसलों में देरी पर जताई नाराजगी, सभी हाईकोर्टों से लंबित मामलों की सूची मांगी

High Court Report: आपराधिक मामलों में लंबे समय तक फैसला न सुनाने पर नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्टों से चार हफ्तों में उन मामलों की रिपोर्ट मांगी है।
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May 06, 2025
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SC on High Courts: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने देश भर की हाईकोर्ट्स (High Court) में सुरक्षित रखे गए फैसलों में देरी पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए शीर्ष अदालत ने सभी हाईकोर्ट्स के रजिस्ट्रार जनरलों को निर्देश दिया है कि वे 31 जनवरी 2025 तक सुरक्षित किए गए और अब तक लंबित मामलों की विस्तृत रिपोर्ट एक महीने के भीतर जमा करें। इस कदम का उद्देश्य समय पर न्याय सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करना है।

झारखंड हाईकोर्ट पर नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से झारखंड हाईकोर्ट के रवैये पर नाराजगी जताई, जहां 67 आपराधिक अपीलों पर फैसले सुरक्षित रखने के बावजूद कोई निर्णय नहीं सुनाया गया। कोर्ट ने इसे न्याय प्रक्रिया में गंभीर चूक मानते हुए सभी हाईकोर्ट्स से लंबित मामलों की स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा

सुप्रीम कोर्ट का यह कदम न्यायिक प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि समय पर न्याय नागरिकों का अधिकार है, और देरी इस अधिकार का हनन करती है।

सोशल मीडिया पर चर्चा

यह खबर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी चर्चा में है, जहां कई यूजर्स ने सुप्रीम कोर्ट के इस रुख की सराहना की है। आने वाले दिनों में हाईकोर्ट्स से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट इस मुद्दे पर और सख्त कदम उठा सकता है।

Updated on:
06 May 2025 08:22 am
Published on:
06 May 2025 08:22 am