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मैसूर दशहरा विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका, बानू मुश्ताक ही करेंगी समारोह का उद्घाटन

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका बानू मुश्ताक को मैसूर दशहरा समारोह का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किए जाने का विरोध किया गया था।
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Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट (File Photo)

Mysore Dasara controversy: मैसूर दशहरा विवाद पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में छाया हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें बुकर पुरस्कार विजेता लेखिका बानू मुश्ताक को इस साल के मैसूर दशहरा समारोह का उद्घाटन करने के लिए आमंत्रित किए जाने का विरोध किया गया था। कोर्ट ने कहा कि भारत का संविधान धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर आधारित है और राज्य सरकार द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम किसी निजी संस्था का आयोजन नहीं है।

याचिकाकर्ता का तर्क और अदालत का जवाब

याचिकाकर्ता बेंगलुरु निवासी एचएस गौरव ने तर्क दिया कि मैसूर दशहरा केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि हिंदू धार्मिक परंपराओं और चामुंडेश्वरी देवी की पूजा से जुड़ा पवित्र अनुष्ठान है। उन्होंने दावा किया कि बानू मुश्ताक, जो एक मुस्लिम महिला हैं, को उद्घाटन के लिए आमंत्रित करना धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि 2017 में मुस्लिम कवि निसार अहमद ने भी इस समारोह का उद्घाटन किया था। अदालत ने जोर देकर कहा कि संविधान की प्रस्तावना भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित करती है, और धर्म के आधार पर भेदभाव अस्वीकार्य है।

कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला

आपको बता दें कि याचिका में कर्नाटक हाईकोर्ट के 15 सितंबर के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें बानू मुश्ताक को आमंत्रित करने के राज्य सरकार के निर्णय को बरकरार रखा गया था। हाईकोर्ट की बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश विभू बाखरू और जस्टिस सीएम जोशी शामिल थे, ने कहा कि विजय दशमी पूरे देश में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है और किसी के अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ है।

विपक्ष का विरोध और सरकार का रुख

विपक्षी बीजेपी ने बानू मुश्ताक के चयन पर आपत्ति जताई, दावा किया कि वह दूसरे धर्म से हैं और उन्होंने कथित तौर पर हिंदू विरोधी बयान दिए हैं। याचिकाकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बानू ने कन्नड़ भाषा के खिलाफ टिप्पणी की थी। दूसरी ओर, कर्नाटक सरकार ने स्पष्ट किया कि मैसूर दशहरा एक क्षेत्रीय सांस्कृतिक उत्सव है, न कि धार्मिक आयोजन।

Updated on:
19 Sept 2025 05:46 pm
Published on:
19 Sept 2025 05:46 pm