शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने उनको 23 फरवरी तक गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान कर दी है। इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने मजीठिया को 23 फरवरी को ही संबंधित ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने और ड्रग मामले में जमानत के लिए आवेदन करने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को बड़ी राहत दी है। सर्वोच्च ने बिक्रम सिंह मजीठिया को 23 फरवरी तक गिरफ्तारी से सुरक्षा प्रदान की है। यानी अब पुलिस उन्हें 23 फरवरी तक गिरफ्तार नहीं कर सकती है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने 23 फरवरी को ही संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने और ड्रग मामले में नियमित जमानत के लिए आवेदन करने के लिए कहा है। बता दें कि बिक्रम मजीठिया पंजाव विधानसभा चुनाव में पूर्वी अमृतसर से चुनावी मैदान में हैं। यहां उनकी टक्कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी उम्मीदवार नवजोत सिंह सिद्धू से है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पंजाब सरकार से मौखिक रूप से कहा था कि वह एक मादक पदार्थ मामले में बिक्रम मजीठिया की गिरफ्तारी-पूर्व जमानत याचिका पर 31 जनवरी को सुनवाई होने से पहले तक उनके खिलाफ कोई कठोर कदम न उठाए।
दरअसल बिक्रम मजीठिया के वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी थी कि उनकी अग्रिम जमानत मामले वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की जरूरत है. क्योंकि आरोपी को राजनीतिक प्रतिशोध का सामना करना पड़ सकता है। रोहतगी की इसी याचिका पर प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा, न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने सुनवाई की।
यह भी पढ़ें - Punjab Drug Case: बिक्रम सिंह मजीठिया को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका
वहीं पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 24 जनवरी को मजीठिया की गिरफ्तारी-पूर्व जमानत याचिका खारिज कर दी थी। लेकिन उन्हें गिरफ्तारी से तीन दिन की राहत दी थी ताकि वह आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकें। अदालत ने देश नहीं छोड़ने सहित कुछ शर्तें भी लगाई थीं।
राज्य में 20 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए नामांकान की प्रक्रिया मंगलवार को शुरू हुई थी। दरअसल मजीठिया के खिलाफ पिछले महीने एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था।
इससे पहले हाईकोर्ट ने 10 जनवरी को उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी और 12 जनवरी को जांच से जुड़ने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने देश नहीं छोड़ने सहित कुछ शर्तें भी लगाई थीं। बाद में अंतरिम राहत की अवधि 18 जनवरी को बढ़ा दी गई थी। मजीठिया एसएडी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के 'साले' और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं।