
Samay Raina Controversy: मशहूर कॉमेडियन समय रैना लगातार किसी न किसी कारण से सुर्खियों में बने रहते हैं। उनके शो 'इंडिया गॉट लेटेंट' को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। जिसमें कोर्ट ने समय रैना पर 3 लाख का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना कोर्ट में गलत बयान देने के लिए लगाया गया है। साथ ही वकील ने भी टिप्पणी की कि समय रैना जैसे लोग युवाओं के आइकॉन हैं, यह सोचकर घिन आती है।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने अपने आचरण से अदालत को गुमराह किया और जो भरोसा कोर्ट के सामने जताया था, उसे निभाया नहीं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति जे.वी. मोहना की पीठ ने समय रैना को दो सप्ताह के भीतर फाइन जमा करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान क्योर एसएमए फाउंडेशन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने अदालत को बताया कि कोर्ट के पहले के आदेश के बावजूद समय रैना ने न तो फाउंडेशन से संपर्क किया और न ही स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा, 'समय रैना शो कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अदालत के आदेश का पालन नहीं किया। समझ नहीं आता कि उन्हें युवा आइकन क्यों कहा जाता है।' उन्हें युवा आइकन कहने पर मुझे घिन आती है।
यह मामला समय रैना के शो 'India's Got Latent' के पहले सीजन से जुड़ा है। 2025 में यूट्यूब पर प्रसारित दो एपिसोड में कथित तौर पर स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित मरीजों, एक शिशु, दृष्टिबाधित और भेंगापन से पीड़ित लोगों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। इसी विवाद को लेकर समय रैना, रणवीर इलाहाबादिया, आशीष चंचलानी और क्योर एसएमए फाउंडेशन से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
विवाद बढ़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित कॉमेडियनों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्देश दिया था। इसके बाद अक्टूबर 2025 में समय रैना, विपुल गोयल, सोनाली ठाक्कर, निशांत तंवर और बलराज घई ने संयुक्त बयान जारी कर खेद जताया था। उन्होंने कहा था कि भविष्य में वे अधिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करेंगे और दिव्यांग समुदाय की चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करेंगे।