
सोनम वांगचुक के साथ कई छात्र भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं (Photo-IANS)
Sonam Wangchuk Hunger Strike: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हुए है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका अनशन 17वें दिन में प्रवेश कर गया है, जबकि सीजेपी का आंदोलन को 25 दिन हो चुके है। लगातार अनशन को लेकर वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बता दें कि सीजेपी प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक ही नहीं कई छात्र नेता भी भूख हड़ताल पर बैठे है। इसमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के 4 नेता शामिल है। सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठे छात्र दीपक की अचानक तबीयत खराब हो गई। उन्हें गंभीर रूप से रक्त एवं तरल पदार्थ की कमी (हाइपोवोलेमिक शॉक) के कारण राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद मंगलवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
छात्र की तबीयत खराब होने पर AISA की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। छात्र संगठन के मुताबिक, अस्पताल में निगरानी के दौरान दीपक की हृदय गति में उतार-चढ़ाव देखा गया, जिसके बाद उनका ईसीजी समेत अन्य मेडिकल परीक्षण किए गए। जांच रिपोर्ट सामान्य आने और पल्स रेट स्थिर होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।
संगठन ने बताया कि उसके अन्य अनशनकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, सदस्य मनीष और आमीन जंतर-मंतर पर अलग मंच से अपना आमरण अनशन जारी रखे हुए हैं।
भूख हड़ताल पर बैठी नेहा बोरा ने कहा कि हमारे एक साथी को अस्पताल भेजने से हमारा संकल्प और मजबूत हुआ है। हम धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया है कि लगातार अनशन के कारण सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा है। स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, अब तक उनका 8.5 किलोग्राम वजन कम हो चुका है और उनका ब्लड प्रेशर 109/70 mmHg दर्ज किया गया है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि सोनम वांगचुक की मांसपेशियां तेजी से कमजोर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मैंने भी उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने शांत भाव से कहा- 'मुझसे अनशन खत्म करने को मत कहिए, सरकार से पूछिए कि वह बातचीत क्यों नहीं कर रही।
Updated on:
14 Jul 2026 05:06 pm
Published on:
14 Jul 2026 05:06 pm
