
Supreme Court SIR : नई दिल्ली। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग (ECI) को नोटिस जारी किया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित INDIA गठबंधन के नेताओं की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी से जवाब मांगा है। वहीं, मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 13 याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर भी कड़ी आपत्ति जताई।
राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर लिए गए फैसलों और इसकी प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची से नाम हटाने सहित इस प्रक्रिया से जुड़े फैसलों की न्यायिक समीक्षा की जानी चाहिए। याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले और शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत सहित अन्य विपक्षी नेता शामिल हैं।
याचिका में कोर्ट से यह जांच करने का अनुरोध किया गया है कि चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसले संविधान के अनुच्छेद 324, चुनाव आयोग से संबंधित 2023 के कानून और टी.एन. शेषन बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप लिए हैं या नहीं। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस दिया जाए और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले। इसके अलावा, हटाए गए मतदाताओं की बूथवार सूची, नाम हटाने के कारण और संबंधित जनसांख्यिकीय विवरण प्रकाशित करने का निर्देश देने की मांग भी की गई है।
यह याचिका रिट याचिका (सिविल) संख्या 001351/2026 के रूप में दर्ज की गई है। इसे 12 अक्टूबर को दाखिल किया गया था और शुरुआती प्रक्रियागत कमियों को दूर किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने 13 अक्टूबर को पंजीकृत किया। अब चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों के जवाब के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।