
Purnia MP Pappu Yadav. (Photo: IANS/Video Grab)
पटना। नालंदा में शराब तस्करों की गोलीबारी में आबकारी विभाग के एक सिपाही की मौत पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने गुरुवार को कहा कि बिहार में सब भगवान भरोसे है। उन्होंने कहा कि बिहार में तीन ही व्यक्ति सुरक्षित हैं, जिनमें नेता, पदाधिकारी और माफिया शामिल हैं।
पप्पू यादव ने कहा कि जहां नफरत फैली हो और संविधान को कमजोर किया जा रहा हो, ऐसे देश में आप क्या उम्मीद कर सकते हैं। राजनीति अब पैसे, अपराध, माफिया नेटवर्क और शोषण से चलने लगी है। एमएलसी, एमएलए और सांसद चुनावों के लिए टिकट पाने वाले उम्मीदवारों को ही देख लीजिए। इनमें से कई लोगों के संबंध रेत, शराब और ड्रग माफियाओं से हैं। हर नेता के साथ ऐसे ही लोग दिखाई देते हैं। जब सिस्टम पर अपराधियों और माफियाओं का दबदबा हो, तो ऐसी घटनाएं होना तय है।
पप्पू यादव ने कहा कि शराब के धंधे में सभी नेता शामिल हैं। एमएलसी, एमएलए और सांसद का टिकट लेने वाले सभी नेता शराब के पैसे से चुनाव लड़ते हैं। हाजीपुर में एक एमएलसी के घर में पूरी फैक्ट्री पकड़ी गई और उसे कोर्ट ने जमानत दे दी। वही एक बड़े नेता के साथ में फोटो खिंचवाता है।
राघोपुर नाव हादसे पर सांसद पप्पू यादव ने कहा कि लोग कहते हैं कि मौत तो आनी ही है, और यह भगवान की मर्जी या लोगों की किस्मत है। लेकिन बाढ़ कौन लाता है- भगवान या नेता? क्या यह कोई प्राकृतिक आपदा है?
सांसद ने कहा कि हम (नेता) सरकारी फंड लूटते हैं, बांध तोड़ देते हैं और नदियों व बैराजों में गाद जमा होने देते हैं। कटाव रोकने और बाढ़ प्रबंधन के लिए आए फंड को लूट लिया जाता है और घटिया निर्माण कार्य किया जाता है, बोरियों में मिट्टी भरकर ठेकेदारों को भुगतान कर दिया जाता है। फिर गरीब लोगों से कह दिया जाता है कि यह उनकी किस्मत थी।
पप्पू यादव ने कहा कि करीब 300 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन बाढ़ के दौरान नेता कहीं नजर नहीं आते, क्योंकि इस सब में हर किसी का हिस्सा है। इसमें शामिल हर ठेकेदार को जेल होनी चाहिए और बिहार में उनके काम करने पर रोक लगनी चाहिए।
सांसद ने कहा कि जब पुल गिर रहे हैं और सब कुछ टूट-फूट रहा है, तो वे किस बात की जांच कर रहे हैं? इसे बंद करें। नेता दोनों तरफ से फायदा उठाना चाहते हैं। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए, आगे आकर लोगों के लिए लड़ना चाहिए और प्रभावित परिवारों को 20-20 लाख रुपए देने चाहिए। क्या यह दान है?
उन्होंने कहा कि बिहार में 2.5 करोड़, 3 करोड़ या 4 करोड़ रुपए की लागत से पंडाल बनाए जाते हैं, जिनमें नेता, माफिया और अपराधी शामिल होते हैं। वे विजय (तमिलनाडु के सीएम) से कुछ क्यों नहीं सीखते? वे कहते हैं कि चढ़ावे की रकम स्कूलों और अस्पतालों में जानी चाहिए, जबकि मंदिरों का इस्तेमाल सिर्फ पूजा-पाठ के लिए होना चाहिए। पूरे तमिलनाडु में नेताओं का प्रचार करने वाले विज्ञापन नहीं होने चाहिए।
Updated on:
15 Oct 2026 02:37 pm
Published on:
15 Oct 2026 02:36 pm
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