
Supreme Court: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब सुप्रीम कोर्ट में भी दिखाई देने लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए आदेश जारी किया है कि कोर्ट के स्टाफ सप्ताह में दो दिन घर से काम करेंगे। साथ ही कोर्ट की सुनवाई सोमवार, शुक्रवार को ऑनलाइन मोड में होगी। इसके साथ ही रजिस्ट्री से जुड़े 50 फीसदी कर्मचारियों को WFH करने का आदेश दिया गया है।
सर्कुलर के मुताबिक सोमवार, शुक्रवार और दूसरे 'मिसलेनियस डे' पर कोर्ट में फिजिकल सुनवाई नहीं होगी। इन दिनों वकील और पक्षकार ऑनलाइन माध्यम से ही अपनी बात रख सकेंगे। इसके अलावा अदालत के आंशिक काम-काज के दिनों में भी सुनवाई वर्चुअल मोड में ही की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिंक समय से संबंधित लोगों तक पहुंचाए जाएं ताकि सुनवाई में किसी तरह की परेशानी न हो। साथ ही तकनीकी व्यवस्था को मजबूत रखने पर भी जोर दिया गया है।
सिर्फ ऑनलाइन सुनवाई ही नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के जजों ने ईंधन की बचत को ध्यान में रखते हुए कार पूलिंग को भी बढ़ावा देने का फैसला किया है। जरूरत पड़ने पर जज एक ही वाहन में साथ सफर करेंगे। सर्कुलर में सुप्रीम कोर्ट कर्मचारियों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। आदेश के अनुसार अदालत की हर ब्रांच और सेक्शन में 50 फीसदी तक कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अनुमति दी गई है। हालांकि बाकी कर्मचारियों की दफ्तर में मौजूदगी जरूरी रहेगी ताकि कोर्ट का नियमित काम प्रभावित न हो।
प्रशासन ने साफ किया है कि जिन कर्मचारियों को घर से काम करने की मंजूरी मिलेगी, उन्हें हर समय फोन पर उपलब्ध रहना होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत कार्यालय पहुंचना भी पड़ सकता है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी जरूरी फाइलें और प्रशासनिक काम तय समय पर पूरे हों। अगर किसी विभाग में काम का दबाव ज्यादा हुआ या वहां वर्क फ्रॉम होम उपयुक्त नहीं लगा, तो संबंधित रजिस्ट्रार उस व्यवस्था में बदलाव कर सकता है।