
कर्नाटक में SIR को लेकर गरमाया मुद्दा (इमेज सोर्स: ANI)
Special Intensive Revision Karnataka: कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानि एसआईआर प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ इलाकों में BLO घर-घर जाकर फॉर्म लेने के बजाय मस्जिदों और मैरिज हॉल में कतार लगवाकर फॉर्म बांट रहे हैं। आर. अशोक ने इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए।
बता दें कर्नाटक में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का काम तेजी से चल रहा है। इस बीच कुछ बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के कामकाज को लेकर शिकायतें भी सामने आई हैं। शिकायतों के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सभी अधिकारियों को चुनाव आयोग के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अनुसार, 3 जुलाई तक राज्य में 2.01 करोड़ से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म वोटरों तक पहुंचाए जा चुके हैं। यह कुल मतदाताओं का करीब 36.30 प्रतिशत है। अब तक 12 लाख से ज्यादा फॉर्म डिजिटाइज भी किए जा चुके हैं। वहीं, 54 हजार से अधिक मतदाताओं ने अपने फॉर्म ऑनलाइन जमा किए हैं।
जांच के दौरान करीब 17,688 मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में रखा गया है। इनमें स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाता, मृत मतदाता और पहले से कहीं अन्य जगह पंजीकृत लोगों की पहचान की गई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने बताया कि 16 जून 2026 तक कर्नाटक में कुल 5.54 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता थे। घर-घर जाकर फॉर्म बांटने और उनका डिजिटाइजेशन 30 जून से शुरू हुआ है। यह अभियान 29 जुलाई तक चलेगा।
दरअसल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को शिकायत मिली कि कुछ बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर फॉर्म देने के बजाय दफ्तर से ही फॉर्म बांट रहे हैं। इसके बाद 3 जुलाई को सभी जिला अधिकारियों और BLO को चुनाव आयोग की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने का आदेश जारी किया गया।
कार्यालय ने कहा कि जिन मतदाताओं को फॉर्म भरने में परेशानी हो रही है, वे वोटर फैसिलिटेशन सेंटर से मदद ले सकते हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इधर, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने आरोप लगाया कि कुछ साइबर सेंटरों के जरिए अवैध जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।
वहीं, कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कुछ जगहों पर चुनाव आयोग की तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा। हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार ही पूरी कराई जाएगी।
Updated on:
03 Jul 2026 09:40 pm
Published on:
03 Jul 2026 08:59 pm
