असम विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हेट स्पीच के मामले में शीर्ष कोर्ट में सीएम हिंमत के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। CJI याचिकाकर्ता पर बरसते हुए कहा कि […]
असम विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हेट स्पीच के मामले में शीर्ष कोर्ट में सीएम हिंमत के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। CJI याचिकाकर्ता पर बरसते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को राजनीति का अखाड़ा न बनाएं! सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि गुवाहाटी हाई कोर्ट क्यों नहीं गए और उसकी शक्ति को कम मत आंकिए।
याचिका में मुस्लिमों के खिलाफ कथित हेट स्पीच को लेकर एफआईआर दर्ज कर एसआईटी से जांच की मांग की गई। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। इसके साथ याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट का रुख करने के लिए कहा है। असम चुनाव से पहले मुख्यमंत्री को बड़ी राहत है।
याचिकाकर्ता पक्षों ने सीएम सरमा पर लगातार घृणास्पद भाषण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 7 फरवरी, 2026 को भारतीय जनता पार्टी, असम के आधिकारिक हैंडल X (पूर्व में ट्विटर) से भाजपा असम प्रदेश (@BJP4Assam) नामक सोशल मीडिया पोस्ट को वीडियो के रूप में सार्वजनिक रूप से प्रसारित किया गया और उसके बाद व्यापक रूप से फैलाया गया, जो इस प्रकार के घृणित व्यवहार का सबसे स्पष्ट और परेशान करने वाला उदाहरण है।
सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, हालांकि उसने याचिकाकर्ताओं से सहमति व्यक्त की कि किसी भी राजनीतिक नेता या संवैधानिक पदधारक को ऐसे आचरण नहीं करना चाहिए जिससे संविधान में निहित धर्मनिरपेक्ष लोकाचार और नैतिकता को नुकसान पहुंचे, खासकर तब जब चुनाव नजदीक आ रहे हों।