Surat Udhna Station Crowd: सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर हजारों यात्रियों की भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। जानिए कैसे बने भगदड़ जैसे हालात।
Surat Udhna Railway Station Crowd: पुलिस की लाठियों से बचने के लिए रेलवे स्टेशन की रेलिंग लांघकर जा रहे एक व्यक्ति ने कहा, “अब नहीं आऊंगा, बता देना…”, ये शब्द उसकी लाचारी और बेबसी को बयां कर रहे थे। जो दो वक्त की रोटी कमाने के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर दूसरे शहर गया था।
दरअसल, मामला गुजरात के सूरत का है। रविवार को उधना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब उधना-हसनपुर ट्रेन की रवानगी से पहले हजारों की भीड़ अचानक स्टेशन परिसर में उमड़ पड़ी। हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। धक्का-मुक्की और भगदड़ जैसे हालात में कई यात्री गिर पड़े, जबकि सैकड़ों लोग किसी तरह रेलिंग पार कर प्लेटफॉर्म तक पहुंचने की कोशिश करते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्टेशन पर हजारों लोग मौजूद थे, जिनकी संख्या करीब 7-8 हजार के आसपास बताई जा रही है, जबकि चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों की क्षमता इससे कहीं कम थी। गर्मी की छुट्टियों और काम की कमी के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों समेत अन्य यात्री अपने घर लौटने के लिए स्टेशन पहुंचे थे, जिससे हालात अचानक बेकाबू हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, स्टेशन पर मौजूद भीड़ रेलवे की तय क्षमता से कई गुना ज्यादा थी। तीन स्पेशल अनारक्षित ट्रेनों में सीमित सीटें होने के बावजूद हजारों लोग एक साथ प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ने लगे। एंट्री गेट और रेलिंग पर अचानक दबाव बढ़ा और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ती नजर आई। लोग ट्रेन पकड़ने की जल्दी में एक-दूसरे को धक्का देते हुए आगे बढ़ते रहे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
इस भारी भीड़ के पीछे दो बड़े कारण सामने आए हैं। एक तरफ स्थानीय स्तर पर काम की कमी और मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट के चलते उद्योगों में सुस्ती की बात कही जा रही है, जिससे प्रवासी मजदूर अपने गांव लौटने लगे। वहीं दूसरी ओर गर्मी की छुट्टियों ने यात्रियों की संख्या में अचानक इजाफा कर दिया। इन दोनों वजहों ने मिलकर ट्रेनों पर दबाव कई गुना बढ़ा दिया, जिसका सीधा असर उधना स्टेशन पर देखने को मिला।
जब भीड़ पूरी तरह बेकाबू हो गई, तब पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया, जिससे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में लोग जान बचाने के लिए भागते नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ यात्री रेलिंग में फंसे दिखाई देते हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति का “अब नहीं आऊंगा… बता देना” कहना लोगों को अंदर तक झकझोर रहा है।
रेलवे प्रशासन का पक्ष
घटना के बाद वेस्टर्न रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। रेलवे के अनुसार, समर सीजन को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले गए हैं और भीड़ प्रबंधन के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रविवार को उमड़ी भीड़ अनुमान से कहीं ज्यादा थी, जिसकी वजह से अचानक हालात बिगड़ गए, हालांकि सुबह करीब 11 बजे तक स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया।